ठेकेदारों के कंपनी के पास फंसे एक करोड़

ज्यूरी (शिमला)। कड़छम-वांगतू प्रोजेक्ट की ट्रांसमिशन लाइन का काम करने वाले ठेेकेदार (पीस रेट वर्कर) आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। इन ठेकेदारों ने एक कंपनी के अधीन कार्य किया था, लेकिन कंपनी ने अभी तक इनको भुगतान नहीं किया है। लिहाजा, ठेकेदारों के तीन साल के करीब एक करोड़ रुपये कंपनी के पास फंसे हुए हैं। इनठेकेदारों ने कंपनी से राशि का जल्द भुगतान करने की मांग की है। स्थानीय ठेकेदार शेर सिंह, संजू, प्रसुन, कमल, मोहन सिंह, मदन ठाकुर, रविंद्र और कमल द्रैक ने कहा कि कंपनी ने 2009 से 2011 तक किए काम की एवज में उनको पैसे नहीं दिए हैं। ऐसे में उनको गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। इधर, कंपनी बीते साल ज्यूरी से अपना कार्यालय बंद कर दिल्ली चली गई है। इससे इनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। अब इन्होंने मुख्य नियोक्ता जेपीएल से भुगतान की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें बकाया राशि का जल्द भुगतान नहीं हुआ, तो वे इस मामले को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से उठाएंगे। जेपीएल के वाइस प्रेजीडेंट सुरेश जैन ने बताया कि भुगतान में देरी कंपनी की ओर से हुई है। उन्होंने बताया कि कंपनी के साथ बातचीत चल रही है और संभवत: एक हफ्ते के भीतर मामले को सुलझाकर भुगतान कर दिया जाएगा।

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