ठियोग से शिमला चार घंटे में पहुंची बस

शिमला। ठियोग बस स्टैंड में सोमवार को सुबह के 10:30 बज रहे हैं। हफ्ते का पहला वर्किंग डे होने के कारण काफी संख्या में कर्मचारी बस के इंतजार में हैं। ट्रायल के लिए ठियोग से शिमला बस भेजने के निर्देश के बाद पौने ग्यारह बजे बस काउंटर पर लगी। दस मिनट में बस खचाखच भरने के बाद ग्यारह बजे रवाना हुई। साढ़े ग्यारह बजे ठियोग से फागू तक 7 किलोमीटर सड़क सिंगल वे खोली जा सकी। गाड़ियों को पास देने में खासी दिक्कत हुई। फागू से गलू तक सड़क बर्फ से ढकी है। सड़क पर बुलडोजर घुमाकर लोक निर्माण विभाग की एनएच विंग ने रस्म अदायगी कर ली है। रेत-मिट्टी न डली होने के कारण सड़क सफेद है। दोपहर के बारह बजे गलू से कुफरी तक एनएच-22 पर कोहरा शीशे की तरह जम गया है। स्किड हो कर वाहन यहां-वहां फंसे हैं। कुफरी बाईपास से छराबड़ा तक बेतरतीब खड़े पर्यटक वाहनों के कारण लंबा जाम लगा है। सैलानी बर्फ में अठखेलियां कर रहे हैं और जाम के कारण एक घंटे से यात्री बस में कैद हैं। 12:40 बजे आईएचएम और छराबड़ा के बीच खुले मोड़ पर सैलानी सड़क के बीचोंबीच गाड़ी खड़ी कर जाम टकरा रहे हैं। वाहन चालकों के आग्रह के बाद सैलानी गाड़ी हटाने के लिए तो तैयार हो गए लेकिन कोहरे पर गाड़ी स्किड होने के कारण फिर जाम लग गया है। 2:20 बजे छराबड़ा से ढली तक सड़क पर रेत-मिट्टी तो डाली जा चुकी है, लेकिन पुलिस की तैनाती न होने के कारण सड़क पर वाहनों की दोहरी कतार लग गई है। वाहन कछुआ चाल से रेंगते हुए आगे बढ़ रहे हैं। ढली बाईपास पर जगह जगह कोहरा जमा होने के कारण वाहन स्किड हो रहे हैं। चार घंटे की मशक्कत के बाद दोपहर तीन बजे बस शिमला पहुंची।

Related posts