ट्रैक पर किसानों का डेरा, ट्रेनों का आवागमन ठप, यात्रियों की बढ़ी परेशानी

ट्रैक पर किसानों का डेरा, ट्रेनों का आवागमन ठप, यात्रियों की बढ़ी परेशानी

पंजाब
रेल ट्रैकों पर कब्जा, एक कंपनी के पेट्रोल पंप घेरे, मोदी सरकार और कारपोरेट घरानों के पुतले फूंके
जगरावं स्टेशन पर कब्जा, अमृतसर में सांसद मलिक के घर के बाहर लगाया अनिश्चितकालीन धरना

नए कृषि कानूनों के विरुद्ध पंजाब के किसानों का गुस्सा फिर फूट पड़ा। लुधियाना में गुरुवार को 31 किसान यूनियनों ने जगरावं स्टेशन पर कब्जा जमा लिया और ट्रैक पर टेंट लगाकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। किसान नेताओं ने सरकार की चहेती कंपनियों के सामान का बहिष्कार करने का एलान किया।

अमृतसर में किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी का प्रदर्शन गुरुवार को आठवें दिन भी जारी रहा। जंडियाला गुरु के गांव देवीदासपुर के रेलवे ट्रैक पर बैठी किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी को 31 किसान संगठनों का भी समर्थन मिल गया। किसानों ने ट्रैक पर केंद्र सरकार और कारपोरेट घरानों का पुतला फूंककर नारेबाजी की।

जगरावं में टेंट लगा धरना देते किसान संगठन।

प्रदेश के 31 किसान संगठनों के सैकड़ों सदस्यों ने भाजपा के सांसद श्वेत मालिक की कोर्ट रोड स्थित कोठी के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। किरती किसान यूनियन, आजाद किसान संघर्ष कमेटी, किसान संघर्ष कमेटी के सदस्यों ने केंद्र के विरुद्ध नारेबाजी की। भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष कुलदीप सिंह मत्तेवाल की अगुवाई में किसानों ने श्री गुरु रामदास जी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर स्थित मॉल के बाहर अनिश्चितकालीन धरना लगा दिया है।

फिरोजपुर में किसान जत्थेबंदियों ने कारपोरेट घराने के पेट्रोल पंप, ऑफिस और रेलवे प्लेट फार्म पर धरना देकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। किसान जत्थेबंदियों का आरोप है कि कारपोरेट घराने के इशारे पर कांग्रेस-अकाली दल प्रदर्शन कर उनके आंदोलन को कमजोर करने की साजिश कर रहे हैं।

किसान नेताओं ने नौजवान किसानों से कांग्रेस-अकाली के प्रदर्शन में शामिल न होने की अपील की। किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के प्रदेश महासचिव सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि किसानों का आंदोलन पांच अक्तूबर तक बढ़ा दिया गया है। किसानों को रेल की पटरी पर बैठे आठ दिन हो गए हैं। किसान नेता अवतार सिंह महिमा ने कहा कि 31 किसान जत्थेबंदियां रेल पटरियों पर धरना दे रही हैं। गुरुवार को किसान जत्थेबंदियों ने छावनी रेलवे स्टेशन के प्लेट फार्म नंबर-एक पर धरना दिया है।

पटियाला में गुरुवार को भारतीय किसान यूनियन एकता (उगराहां) के बैनर तले किसानों ने गांव धबलान के रेलवे स्टेशन पर ट्रैक को जाम कर पक्का धरना लगा दिया। पातड़ां के न्याल में एक कंपनी के पेट्रोल पंप को घेरकर भी धरना शुरू कर दिया गया। बठिंडा में किसानों ने जिले भर के टोल प्लाजा के साथ एक कारपोरेट घराने के पेट्रोल पंप का घेराव किया। इसके अलावा किसानों ने मुलतानिया पुल के नीचे स्थित रेलवे ट्रैक पर भी धरना दिया।

अमृतसर में किसानों का प्रदर्शन।

संगरूर में 31 किसान संगठनों ने रेलवे स्टेशन पर ट्रैक को अनिश्चितकालीन जाम लगाकर बंद कर दिया। साथ ही नाभा-भवानीगढ़ रोड पर धरना लगाकर टोल प्लाजा पर पर्ची फीस बंद करवा दी। वहीं भारतीय किसान यूनियन एकता उगरांहा ने गांव छाजली में बने गेहूं के साइलो प्लांट के गेट के सामने पक्का मोर्चा लगाया गया।

मोगा के गांव डगरू में स्थित साइलो प्लांट के सामने व डगरू रेलवे स्टेशन पर किसानों ने अनिश्चितकालीन रेल रोको आंदोलन शुरू किया गया। वहीं गांव गिल के पास स्थित टोल प्लाजा को बंद करवाकर भारतीय किसान एकता उगराहां की तरफ से प्रदर्शन किया गया। इसके अलावा गांव राजेआना के पास एक पेट्रोल पंप को भी बंद करवाया गया। करीब दो घंटे के लिए बाघापुराना ब्लाक के किसानों ने एसडीएम कार्यालय बाघापुराना के सामने धरना लगाकर नारेबाजी की। मुक्तसर में 31 किसान जत्थेबंदियों ने रेलवे स्टेशन और रेलवे लाइनों पर अनिश्चितकालीन समय के लिए धरना शुरू कर दिया है।

आज भी रद रहेंगी पांच ट्रेन
पंजाब के किसानों ने तीन कृषि कानूनों के खिलाफ लालड़ू रेलवे स्टेशन के पास अंबाला-चंडीगढ़ रेलवे ट्रैक पर धरना शुरू कर दिया। सुरक्षा कारणों को देखते हुए रेलवे ने आज नई दिल्ली-हरिद्वार-नई दिल्ली जनशताब्दी के संचालन में बदलाव किया है। अब यह ट्रेन अंबाला छावनी जंक्शन पर रद होगी और यहीं से चलेगी। वरिष्ठ वाणिज्य अधिकारी हरि मोहन ने बताया कि गुरुवार को पांच ट्रेनों को पूर्ण तौर पर रद्द और पार्सल ट्रेन सहित 14 लंबी दूरी की ट्रेनों के गंतव्य स्टेशन में परिवर्तन किया गया है।

आज रद ट्रेन
02053/02054 हरिद्वार-अमृतसर- हरिद्वार जन शताब्दी व 02425/02426 नई दिल्ली-जम्मूतवी-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस व 04652 अमृतसर-जयनगर एक्सप्रेस।

बीच रास्ते रद ट्रेन
02903 मुंबई सेंट्रल-अमृतसर गोल्डन टेम्पल मेल, 02925 बान्द्रा टर्मिनस-अमृतसर, 04673 जयनगर-अमृतसर एक्सप्रेस, 03307 धनबाद-फिरोजपुर, 00901 बांद्रा-अमृतसर पार्सल स्पेशल व ट्रेन नंबर 02057 नई दिल्ली-ऊना जनशताब्दी को अंबाला जंक्शन पर रद किया जाएगा। इसी प्रकार ट्रेन नंबर 02715 नांदेड़-अमृतसर सचखंड को दिल्ली स्टेशन पर रद किया जाएगा।

बीच रास्ते संचालित ट्रेन
02904 अमृतसर-मुम्बई सेंट्रल गोल्डन टेंपल मेल, 02926 अमृतसर-बान्द्रा टर्मिनस, ट्रेन नंबर 03308 फिरोजपुर-धनबाद, 04674 अमृतसर-जयनगर, 00902 जम्मूतवी-बांद्रा पार्सल स्पेशल व ट्रेन नंबर 02058 ऊना हिमाचल-नई दिल्ली जनशताब्दी को अंबाला जंक्शन से रवाना किया जाएगा। इसी प्रकार ट्रेन नंबर 02716 अमृतसर-नांदेड़ सचखंड एक्सप्रेस को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से रवाना किया जाएगा।

जिलेवार घटनाक्रम-
बठिंडा: पेट्रोल पंप और टोल प्लाजा का किया घेराव
कृषि कानून के विरोध में गुरुवार को किसानों ने जिलेभर के टोल प्लाजा के साथ एक कारपोरेट घराने के पेट्रोल पंप का घेराव किया। इसके अलावा किसानों ने मुलतानिया पुल के नीचे स्थित रेलवे ट्रैक पर भी धरना दिया। भारतीय किसान यूनियन एकता (उगराहां) के नेता शिंगारा सिंह और जसवीर सिंह ने बताया कि कृषि कानून सिर्फ कारपोरेट घरानों के लिए लाभदायक है। किसानों के लिए नुकसानदायक है।

लुधियाना: किसानों ने जगरावां स्टेशन पर जमाया कब्जा
कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। 31 किसान यूनियनों ने जगरावां स्टेशन पर कब्जा जमा लिया और ट्रैक पर टेंट लगाकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। किसान नेताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ अपनी भड़ास निकाली। वहीं केंद्र सरकार से तुरंत इस कानून को वापस लेने की मांग की। ऐसा न होने पर केंद्र सरकार के खिलाफ संघर्ष और तेज करने का आह्वान किया है। यह नहीं किसान नेताओं ने सरकार की चहेती कंपनियों के सामान का बायकाट करने का एलान किया।

किसान नेताओं ने संबोधन में साफ कहा कि केंद्र सरकार जिस कानून को किसानों का हितैषी बता रही है, उसी कानून के कारण किसान अपने खेतों में मजदूरी करने को मजबूर हो जाएंगे। अब सरकार को हर मोर्चे पर घेरने की तैयारी शुरू की गई है। किसान अगर अपनी जिद पर आ जाए तो कुछ भी कर सकता है।

उन्होंने कहा कि जिस तरह पंजाब के खेतों में बिहार और यूपी के मजदूर काम करने आते हैं, असल में वह मजदूर नहीं, वहां के किसान हैं। इस कानून के तहत एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) खत्म होते ही पंजाब के किसानों की हालत भी उन्हीं की तरह हो जाएगी। इस मौके पर भारतीय किसान यूनियन एकता डकौंदा से कंवलजीत खन्ना, भारतीय किसान यूनियन लखोवाल से महिंदर सिंह समेत भारी संख्या में किसान यूनियन के नेता मौजूद रहे।

मुक्तसर: किसानों का अनिश्चितकालीन धरना शुरू
मुक्तसर में भी 31 किसान संगठनों ने रेलवे स्टेशन और रेलवे लाइनों पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। धरने में गांवों, शहरों और कस्बों से बड़ी संख्या में किसान, मजदूर, कर्मचारी और युवाओं ने हिस्सा लिया। धरने के दौरान केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई।

वक्ताओं ने कहा कि यह कानून पास होने से किसान तबाह हो जाएगा। केंद्र सरकार निजीकरण को बढ़ावा दे रही है। इसके कारण ऐसे कानून पास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि खुली मंडी में किसानों को फसल का वाजिब दाम नहीं मिलेगा और अन्य मंडियों में फसल को बेचने के लिए अलग से खर्च करना पड़

कृषि कानूनों के खिलाफ मोगा में पांच जगह धरना-प्रदर्शन
नए कृषि कानूनों के खिलाफ विभिन्न किसान संगठनों ने मोगा में पांच जगहों पर धरना लगाकर रोष प्रदर्शन किया। गांव डगरू में स्थित साइलो प्लांट के सामने व डगरू रेलवे स्टेशन पर किसानों ने अनिश्चितकालीन रेल रोको आंदोलन शुरू किया गया है। वहीं गांव गिल के पास स्थित टोल प्लाजा को बंद करवाकर भारतीय किसान एकता (उगराहां) की तरफ से प्रदर्शन किया गया। इसके अलावा गांव राजेआना के पास एक पेट्रोल पंप को भी बंद करवाया गया। करीब दो घंटे किसानों ने एसडीएम कार्यालय बाघापुराना के सामने धरना लगाकर नारेबाजी की।

भारतीय किसान एकता (उगराहां) के राज्य सचिव नछत्तर सिंह ने कहा कि उनका संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक किसानों के खिलाफ बने इस कानून को रद्द नहीं किया जाता। गांव गिल में टोल प्लाजा पर धरना लगाकर टोल टैक्स की पर्ची नहीं काटने दी जा रही, जबकि यातायात पहले की तरह चल रहा है। उन्होंने कहा कि सात अक्तूबर को चंडीगढ़ में 31 किसान संगठनों की बैठक होने वाली है। बैठक में सरकार के खिलाफ संघर्ष करने को लेकर फैसला लिया जाएगा।

31 किसान संगठनों ने संगरूर में ट्रैक किया जाम
कृषि कानूनों के खिलाफ 31 किसान संगठनों ने रेलवे स्टेशन पर ट्रैक को अनिश्चितकाल को बंद कर दिया। इस दौरान किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद संगठनों ने नाभा-भवानीगढ़ रोड पर धरना लगाकर टोल प्लाजा पर पर्ची फीस बंद करवा दी। किसानों ने कहा कि यहां फीस वसूली को लगातार बंद रखा जाएगा।

किसान नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार के कृषि विधेयक पूरी तरह किसान विरोधी हैं और इससे पंजाब का किसान ही नहीं, बल्कि कृषि से जुड़े अन्य लोग भी बुरी तरह प्रभावित हो जाएंगे।

पटियाला में धबलान रेलवे ट्रैक पर किसानों ने लगाया धरना
कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का गुस्सा थमता नजर नहीं आ रहा है। गुरुवार को भारतीय किसान यूनियन एकता (उगराहां) के बैनर तले किसानों ने गांव धबलान के रेलवे स्टेशन पर ट्रैक को जाम कर पक्का धरना लगा दिया। पातड़ां के न्याल में एक कंपनी के पेट्रोल पंप को घेरकर भी धरना शुरू कर दिया गया। किसान नेता मनजीत सिंह न्याल ने कहा कि खेती कानून किसानों व मजदूरों को तबाह कर देंगे। इन तीनों कानूनों से पंजाब का मंडी प्रबंध पूरी तरह से तहस-नहस हो जाएगा।

 

 

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