
पांवटा साहिब (सिरमौर)। देहरादून-पांवटा एनएच-72 मार्ग पर भूपपुर में एक ट्रक ने स्कूटर को टक्कर मार दी। हादसे में 15 वर्षीय किशोर की दर्दनाक मौत हो गई। जबकि स्कूटर चालक पिता गंभीर रुप से घायल हो गया। स्कूटर सवार किशोर की बहन को मामूली चोटें हैं। दोनों वाहन पांवटा से बातापुल की तरफ जा रहे थे। भूपपुर में ट्रक के पास लेते वक्त हादसा हुआ। पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।
मिली जानकारी अनुसार ग्राम अमरगढ़ निवासी बुद्ध राम (45) स्कूटर पर सवार होकर पांवटा से वापिस गांव जा रहे थे। स्कूटर पर उनके साथ बेटा संजय कुमार (15) और छोटी बेटी (5) भी थे। बद्रीपुर से भूपपुर की तरफ जाते वक्त पीछे से आ रहे एक ट्रक की टक्कर लग गई। हादसे में संजय कुमार का सिर टायर के नीचे आ गया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। स्कूटर चला रहे बुद्ध राम को भी चोटें लगी हैं। इस हादसे में 5 वर्षीय बच्ची को मामूली चोट लगी है। घायल बुद्ध राम को एंबुलेंस से पांवटा अस्पताल पहुंचाया गया। डाक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल नाहन रेफर कर दिया। लेकिन परिजन घायल को उपचार के यमुनानगर अस्पताल ले गए है। सूचना मिलते ही यातायात पुलिस प्रभारी पांवटा नौख राम टीम सहित भूपपुर पहुंचे।
उधर, डीएसपी नरवीर सिंह राठौर ने मामले की पुष्टि की है। कहा कि मामला दर्ज कर, ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया है। इस हादसे की गंभीरता से जांच की जा रही है।
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हादसे ने छीना तीन बहनों का इकलौता भाई
एक दर्दनाक सड़क हादसे में बुझा घर का चिराग
पांवटा साहिब (सिरमौर)। नन्हीं तीनों बहनों को विश्वास नहीं कर पा रही है। पिछले कल ही जिस भाई को राखी बांधी थी, अब वो भाई हमेशा के लिए कहीं, दूर चला गया है। पांवटा के भूपपुर में सड़क हादसे से पुरुवाला कांशीपुर पंचायत के अमरगढ़ गांव में शोक का माहौल है। सड़क हादसे में घर का इकलौता चिराग हमेशा के लिए बुझ गया। ग्राम पंचायत पुरुवाला कांशीपुर के प्रधान बलजीत सिंह नागरा और पवन चौधरी ने कहा कि बुद्ध राम (45) गांव में साइकिल मरम्मत की दुकान चलाता है। उसकी बेटियां हैं। इकलौता बेटा संजय कुमार (15) था। लेकिन वीरवार को दर्दनाक सड़क हादसे में घर का चिराग हमेशा के लिए बुझ गया। बुद्धराम कड़ी मेहनत कर परिवार का गुजर बसर कर रहा है। लेकिन हादसे नेे पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है। परिवार हादसे से बिखर कर रह गया है। खुद भी गंभीर रुप से हादसे में घायल बुद्धराम बदहवास है। जरा सा होश आने पर पथराई आंखों से निहारने लगता है। फिर थोड़ी देर में बेहोश हो जाते है। उनकी हालत जानकर गांव के लोगों की भी आंखें नम हो रही हैं। परिवार के हर सदस्य का रो-रोकर बुरा हाल है। दर्दनाक हादसे की सूचना मिलते ही घर में सांत्वना देने वालों का तांता लगा रहा।
