
वर्ल्ड डेस्क

संघीय जिला अदालत में अमेरिकी सरकार ने अपना पुराना रुख बदला, एच-4 वीजा पर मिलेगी काम की अनुमति
अमेरिका में रहकर नौकरी कर रहे भारतीयों के लिए अच्छी खबर है। अमेरिका में ट्रंप प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाते हुए एक संघीय जिला अदालत से कुछ श्रेणियों में एच-1 बी वीजा धारकों के पति/पत्नियों को देश में काम करने की अनुमति बनाए रखने की सिफारिश की है। इसी के साथ एच-1 बी वीजाधारक के जीवनसाथी को अमेरिका में काम करने की अनुमति मिल जाएगी।
ट्रंप सरकार पहले इसके खिलाफ थी लेकिन उसने अपना रुख बदलते हुए पूर्ववर्ती ओबामा सरकार के उस नियम पर रोक न लगाने का अनुरोध किया जिसके तरह एच-1 बी वीजा धारकों के जीवनसाथी भी देश में काम कर सकते हैं। अमेरिकी गृह मंत्रालय (डीएचएस) ने जिला अदालत डिस्ट्रिक्ट वाशिंगटन में इस सप्ताह दलील दी कि एच-4 वीजा धारकों को काम करने की मंजूरी देने वाले 2015 के आदेश को चुनौती देने वाले अमेरिकी प्रौद्योगिकी पेशेवरों को इस तरह की मंजूरी से कोई नुकसान नहीं हुआ है। एच-1 बी के जीवनसाथी के लिए एच-4 वीजा अमेरिकी नागरिकता व आव्रजन सेवा (यूएससीआईएस) द्वारा वीजा धारकों के परिवार के करीबी सदस्यों (पति/पत्नी व 21 साल तक के बच्चों) को दिया जाता है। यह सामान्यत: उन्हें दिया जाता है, जो पहले ही रोजगार आधारित कानूनी स्थायी निवासी की प्रक्रिया शुरू कर चुके होते हैं।
ओबामा के नियम की हुई थी आलोचना
डीएचएस ने पांच मई को अपनी अर्जी में कहा कि ‘सेव जॉब्स यूएसए’ के तहत अमेरिकी तकनीकी कर्मियों की ओर से दी गई दलील में उसके सदस्यों को संभावित रूप से पहुंचने वाले आर्थिक नुकसान का आकलन किया गया है। ‘सेव जॉब्स यूएसए’ ने 2015 में दायर मुकदमे में दलील दी थी कि ओबामा प्रशासन द्वारा बनाए नियम से उसके उन सदस्यों को नुकसान पहुंचेगा जो अमेरिकी प्रौद्योगिकी कर्मी हैं।
