टैक्स वसूलने पर दूध विक्रेता उखड़े

कालाअंब (सिरमौर)। दूध विक्रेताओं ने कहा कि नाहन शहर में दूध बेचने पर उनसे टैक्स वसूला जा रहा है। कौंथरों, विक्रम बाग, ढाकवाला, भेड़ों आदि क्षेत्रों के दूध विक्रेताओं नासिर अली, रफीक मोहम्मद, ईला दीन मोहम्मद, फिरोज खान आदि का कहना है कि वे मुश्किल से दूध बेच कर अपने परिवार को पालन पोषण कर रहे हैं। कई बार भीषण गर्मी के चलते उनका दूध बीच रास्ते में ही फट जाता है। इस कारण उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है।
दूध विक्रेताओं ने बताया कि महंगाई के इस दौर में उन्हें अपने परिवार का पेट पालना सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। बावजूद इसके उनसे एग्री कल्चर प्रोड्यूस मार्के ट कमेटी पांवटा साहिब हर माह 200 रुपये बतौर टैक्स वसूल रही है। क्षेत्र के दूध विक्रेताओं ने आरोप लगाया कि जो लोग बसों के सहारे अपना दूध बेच रहे हैं उनसे कोई टैक्स नहीं वसूला जा रहा। मात्र साइकिल पर दूध लाद कर ले जाने वालों से ही टैक्स वसूला जा रहा है।
एग्री कल्चर प्रोड्यूस मार्केट के पांवटा स्थित सचिव राघव सूद ने बताया कि यह फीस कमेटी द्वारा वर्ष 1969 से निर्धारित की गई है। यह मात्र उन पर लागू है जो दूसरे राज्यों से आकर दूध बेचते हैं। स्थानीय तथा लाइसेंसशुदा विक्रेताओं से मात्र एक फीसदी टैक्स वसूला जाता है। बिना लाइसेंस वाले विक्रेताओं से 6 फीसदी टैक्स वसूला जाता है।

Related posts