
केलांग। ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश पर जनजातीय लोगों की आपत्ति का विधायक एवं नेशनल एसटी कमीशन के उपाध्यक्ष रवि ठाकुर ने भी समर्थन किया है। रवि ठाकुर ने कहा कि इस मसले को लेकर राज्य सरकार और टूरिज्म विभाग ने ग्रीन ट्रिब्यूनल में याचिका दायर की है। न्यायालय ने इसके लिए पक्ष रखने को तीन माह का समय दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के समक्ष भी मसले को उठाया जाएगा। रवि ठाकुर ने कहा कि रोहतांग दर्रा होकर गुजरना लाहौलियों की मजबूरी है। अगर हम लोगों को घर जाने के लिए भी प्रशासन की इजाजत लेनी पडे़गी तो यह शर्त कतई मंजूर नहीं है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने अपने आदेश में कहा है कि मई छह से रोहतांग दर्रा की तरफ जाने वाले सभी वाहनों को मनाली प्रशासन से अनुमति लेनी होगी, जबकि दस साल पुराने वाहनों को दर्रा जाने की अनुमति नहीं मिलेगी। उन्हाेंने कहा कि सर्वेक्षण के मुताबिक अगर रोहतांग में पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है तो यह लाहौलियों के आवागमन से नहीं, बल्कि यहां पहुंचने वाले हजारों टूरिस्ट वाहनों से ऐसा हो रहा है। लाहौल-स्पीति, पांगी किलाड़ और लेह लद्दाख के लोगों के मौलिक अधिकारों का हनन नहीं होने दिया जाएगा। मनाली से लाहौल आने वाले स्थानीय वाहनों से फीस ग्रीन टैक्स वसूलना और घर आने के लिए प्रशासन से परमिशन लेना तर्कसंगत नहीं है। हालांकि, उन्होंने पर्यटक वाहनों से ग्रीन टैक्स वसूलने के फैसले का स्वागत किया है। जबकि, जनजातीय लोगों के लिए घर आने को इस तरह की औपचारिकताओं लागू करने का उन्होंने कड़ा विरोध किया है। रवि ठाकुर ने लाहौल स्पीति की जनता को भरोसा दिलाया है कि वह मसले को लेकर हर मुमकिन कानूनी लड़ाई लड़ने को तैयार हैं।
