
बिलासपुर। बेरोजगार बीएड प्रशिक्षुओं ने हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा अंकों की शर्त लगाने का कड़ा विरोध किया है। इनका कहना है कि यदि बोर्ड द्वारा यह शर्त नहीं हटाई गई तो कई प्रशिक्षु टेट परीक्षा से वंचित रहेंगे।
सतीश कुमार, मंजू देवी, टेकचंद चंदेल, संजय कुमार, रामलोक, देवेंद्र कुमार ने कहा कि शिक्षा बोर्ड की ओर से 45 फीसदी अंकों की शर्त के साथ 30.8.2009 को बीएड की डिग्री प्राप्त कर चुके प्रशिक्षु ही इस परीक्षा के लिए पात्र होंगे। इस तरह के निर्देश जारी किए गए हैं। जो न्यायसंगत नहीं है। वर्ष 2008-2009 के बीएड सत्र के दौरान अप्रैल 2009 में जो परीक्षा ली गई थी। उसका परीक्षा परिणाम हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय द्वारा 25.9.2009 को घोषित किया गया। इसमें प्रशिक्षुओं की कोई भी गलती नहीं है। करीब एक माह परीक्षा परिणाम घोषित होने का खामियाजा अब प्रशिक्षुओं को भुगतना पड़ रहा है। इसके चलते इन प्रशिक्षुओं को सरकार द्वारा राहत प्रदान करनी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, मुख्य संसदीय सचिव शिक्षा विभाग नीरज भारती से मांग की है कि बेरोजगार प्रशिक्षुओं पर जो शर्त लगाई गई है। इसमें संशोधन किया जाए। इसे 31.12.2009 तक बढ़ाया जाए। इनके भविष्य से खिलवाड़ न हो।
