
भगवानपुर। ‘अमर उजाला’ द्वारा भगवानपुर औद्योगिक क्षेत्र में जलभराव की समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित करने के बाद जिला प्रशासन के अधिकारियों की नींद टूट गई। मंगलवार सुबह अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पानी की निकासी के लिए जेसीबी से नाले की खुदाई का काम शुरू करवाया। साथ ही इस काम में कई मजदूरों को भी लगाया है। नायब तहसीलदार ने मौके पर खड़े होकर काम की देखरेख भी की।
‘अमर उजाला’ औद्योगिक क्षेत्र में हुए जलभराव से जुड़ी समस्याओं को लेकर लगातार खबरें प्रकाशित कर रहा है। मंगलवार को भी उद्यमियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया था। खबर छपने के बाद हरकत में आए तहसील प्रशासन ने जमा पानी की निकासी के लिए नाले की खुदाई का काम शुरू कराया। तहसील प्रशासन ने जेसीबी लगाकर नाले की खुदाई कराई साथ ही कई मजदूरों को भी इस काम में लगाया।
नायब तहसीलदार सुरेंद्र कांबोज खुद इस काम पर नजर रखे हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि नाले खोदे जाने के बाद समस्या का स्थायी तो नहीं, लेकिन फिलहाल राहत मिलेगी। अभी पानी भरे होने से उद्यमियों और श्रमिकों को फैक्ट्रियों तक पहुंचना मुश्किल हो रहा था। कुछ जगह पर तो उद्यमियों ने लकड़ी के पुल बनाए हैं। कई जगह ट्रैक्टर-ट्रालियों से श्रमिक फैक्ट्रियों तक पहुंच रहे हैं।
उद्यमी विशाल कुमार और गौतम कपूर का कहना है कि अस्थायी समाधान के साथ शासन को ड्रेनेज सिस्टम के लिए काम करना चाहिए। बिना ड्रेनेज सिस्टम बने समस्या से छुटकारा मिलने वाला नहीं है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सोनिका का कहना है कि ड्रेनेज सिस्टम बनाना शासन का काम है। उद्यमियों की समस्याओं को शासन तक पहुंचाया जा रहा है। फिलहाल राहत पहुंचाने के लिए पानी निकासी के इंतजाम करवाए जा रहे हैं।
