टीएमसी से मरीज का सैंपल गायब

धर्मशाला। डा. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कालेज टांडा में स्वास्थ्य सेवाएं चरमरानी शुरू हो गई हैं। पहले मरीज वार्डों में मूलभूत सुविधाएं न मिलने से परेशान थे अब उनके लिए गए टेस्ट के सैंपल ही अस्पताल से गायब हो रहे हैं। इससे उपचाराधीन मरीज और तीमारदार काफी परेशान हैं। सैंपल गायब होने की जिम्मेदारी लेने के लिए कोई भी कर्मचारी या अधिकारी तैयार नहीं है। गुस्साए मरीजों ने अब कोर्ट जाने का फैसला लिया है। पालमपुर के रहने वाले अजय परमार अपनी माता निर्मला देवी को चेक करवाने टांडा अस्पताल लाए थे। चिकित्सकों ने उनकी माता का एलएफटी (लीवर फंक्शन टेस्ट) लिखा। परमार अपनी माता को लेकर प्रयोगशाला में सैंपल देने चले गए। कहा गया कि तीन बजे के बाद वह रिपोर्ट आकर ले लें। तीन बजे आने के बाद परमार को कहा गया कि कुछ मशीनें खराब हैं, इसके लिए पांच बजे तक इंतजार करें। अन्य की रिपोर्ट बांट दी गईं। घर दूर होने के चलते परमार बुधवार को रिपोर्ट लेने आए। वहां से उन्हें अन्य जगह से रिपोर्ट लेने के लिए कहा गया। रिपोर्ट नहीं मिली तो परमार एमएस कार्यालय गए। संतोषजनक जवाब तो नहीं मिला पर कहा गया कि यह कार्य बायोकेमिस्ट्री विभाग के अधीन आता है। जब उन्हाेंने विभाग के अधिकारी से पूछा तो उन्होंने पैथोलॉजी में जाने को कहा। पैथोलॉजी गए तो इस रिपोर्ट का संबंधित विभाग बायोकेमिस्ट्री बताया गया। कुछ समय बाद जब परमार को आभास हुआ कि उनकी माता का सैंपल गायब हो चुका है तो उन्होंने सैंपल न मिलने के बारे में लिखवा लिया। अजय परमार ने कहा कि उनकी माता सीनियर सिटीजन हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा कुछ अन्य मरीजों के सैंपल के साथ भी हुआ है। उन्होंने कहा कि इस चूक की शिकायत वह कोर्ट में भी करेंगे। एमएस डा. दिनेश सूद ने बताया कि इसके बारे में उन्हें जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा हुआ तो इसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

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