
नगवाईं (मंडी)। सब्जियों और फलों के दाम आसमान छूने से आम आदमी बेहाल है। खुदरा बाजार में इन दिनों मटर 80 और टमाटर 50 रुपये तक पहुंच गया है। वहीं सब्जियों और फलों के थोक रेट बढ़ने से किसानों को अपने उत्पाद का अच्छा दाम मिल रह रहा है। टमाटर व मटर के दाम में उछाल आने से किसान खुश हैं।
खुदरा बाजार में सब्जियों के रेट में काफी उछाल आया है। पिछले सप्ताह के भीतर ही टमाटर के दाम में दस रुपये और मटर के दाम में 20 रुपये की वृद्धि हुई है। सब्जियों के दाम सुनते ही खरीददारों को एक बार सोचना पड़ रहा है। महंगाई की मार से गृहणियों का किचन बजट भी बिगड़ गया है।
सब्जी मंडी टकोली में शुक्रवार को टमाटर का थोक रेट 3500 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। सब्जी मंडी में आए व्यापारियों दिल्ली के कमल, पवन तथा हिसार के माखन ने बताया कि पड़ोसी राज्यों पंजाब तथा हरियाणा, उत्तर प्रदेश तथा सहारनपुर और यमुनानगर की टमाटर की फसल बरसात की भेंट चढ़ जाने के कारण ही हिमाचल में टमाटर के दाम एकदम बढ़ गए हैं। वहीं नासिक में भी टमाटर की कम पैदावार के कारण हिमाचली टमाटर के दामों में ज्यादा तेजी आ रही है।
सब्जी मंडी टकोली के प्रधान यदु राम, कृष्ण पाल शर्मा, ग्रोवर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष तुलसी राम, आढ़ती प्रदीप शर्र्मा, पंकज शर्मा, देवराज, लाला राम प्रसाद, पूर्ण ठाकुर, सरदार मेहरबान सिंह, चंद्रमणी आदि ने बताया कि टमाटर के अलावा प्रदेश की लाहौल घाटी से हरे मटर की आमद शुरू हो गई है।हरे मटर के भाव 4500 से 5000 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं। शिमला मिर्च का भाव 3500 से 3800 रुपये, फ्रासबीन का भाव 2500 रुपये हो गया है। मात्र गोभी के दाम ही कम रह गए हैं। फूल गोभी के दाम 1500 से 1800 तथा बंद गोभी के दाम 600 से 700 रुपये प्रति क्विंटल है। फलों में सेब के दाम 4000 रुपये प्रति क्विंटल, नाशपाती 1200 से 2400 रुपये प्रति क्विंटल थोक भाव से बिक रही है। किसान तारा चंद, धनवीर, हेमराज तथा राजेश ने बताया कि उन्हें अपने टमाटर के बाजार में अच्छे भाव मिल रहे हैं।
