झीड़ी हत्याकांड के छह आरोपियों को उम्रकैद

मंडी। उप तहसील औट के झीड़ी राफ्टिंग प्वाइंट के पास हुए हत्याकांड के सभी 6 आरोपियों को दोषी करार देते हुए अदालत ने उम्र कैद की सजा सुनाई है। सजा सुनाए जाने के बाद सभी दोषियों को नाहन जेल भेजने के आदेश दिए गए हैं। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पदम सिंह ठाकुर के न्यायालय ने झीड़ी निवासी पाने राम, संजीव कुमार, रविंद्र कुमार, रवि, हेम राज, राजू और पूर्ण चंद के खिलाफ भादसं की धारा 302 के तहत हत्या का दोषी करार देते हुए उम्र कैद और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। भादसं की धारा 148, 341, 336 और 506 के तहत आरोपियों पर अभियोग साबित होने पर क्रमश: एक साल, 6 महीने, 10 साल और दो साल की साधारण कारावास और क्रमश: एक-एक हजार रुपये जुर्माने की सजा भी सुनाई। जबकि, आरोपी हेम राज पर शस्त्र अधिनियम की धारा 25 के तहत अभियोग साबित होने पर 3 माह के साधारण कारावास और 500 रुपये जुर्माने की सजा भी सुनाई है। ये सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। जबकि, जुर्माना राशि निश्चित समय में अदा न करने पर 6-6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अभियोजन पक्ष के अनुसार 14 जुलाई 2011 को औट थाना पुलिस को सूचना मिली कि झीड़ी के पास लड़ाई हो रही है। पुलिस के मौके पर पहुंचने पर वहां मौजूद शिकायतकर्ता ने बताया था कि वह हरियाणा के वोर मजरान गांव स्थित अपने घर से कुल्लू घाटी की यात्रा के लिए वाहन पर चले थे। दोपहर करीब दो बजे झीड़ी के राफ्टिंग प्वाइंट के पास पहुंच कर उन्होंने अपनी गाड़ी को खड़ा किया हुआ था। इसी बीच कुछ लड़कों ने उनकी गाड़ी के आगे नाचना शुरू कर दिया और उन्हें वहां रोककर मारपीट करने लगे। जिस पर हरियाणा निवासी हनी गाड़ी को कुल्लू की ओर ले चला, लेकिन उक्त आरोपियों ने उनका पीछा किया और वह हनी को वाहन सहित राफ्टिंग प्वाइंट पर ले आए। एक आरोपी ने हनी पर तलवार से हमला कर दिया और वह अपनी जान बचाने के लिए नदी की ओर भागा। जबकि, शिकायतकर्ता और उनके साथी झाड़ी में छिप गए। इस हमले में हनी की मौत हो गई थी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज करके आरोपियों के खिलाफ अदालत में अभियोग चलाया था। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए लोक अभियोजक केएस वर्मा ने 20 गवाहों के बयान कलमबंद करवा कर आरोपियों के खिलाफ अभियोग साबित किया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों से सभी आरोपियों के खिलाफ अभियोग साबित हुआ है। ऐसे में अदालत ने दोषियों को उक्त कारावास और जुर्माने की सजा का फैसला सुनाया है।

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