ज्वालाजी में श्रद्धालु की जेब कटी

ज्वालामुखी (कांगड़ा)। विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ ज्वालाजी में देवी दर्शन को पहुंचे भक्तों को जब जवाबदेह अधिकारियों द्वारा मुसीबत आने पर कोई मदद न मिले तो फिर मंदिर न्यास की श्रद्धालुओं के प्रति जिम्मेदारी पर सवाल उठना लाजिमी है। शुक्रवार को ऐसा ही वाकया पेश आया, जब एक भक्त की जेब कटने के बाद संबंधित अधिकारी ने पीड़ित को वीडियो फुटेज नहीं दिखाई।
शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे लखनऊ के प्रसिद्ध साहित्यकार पं. हरिओम शर्मा परिवार सहित मां ज्वाला के दर्शनों के लिए पहुंचे। मंदिर में लाइन में लगकर उन्हाेंने जब गर्भ गृह से निकलकर अपनी जेब में हाथ डाला तो 8 हजार रुपये गायब थे। उन्हाेंने ज्वालामुखी में अपने सहयोगी के माध्यम से मंदिर अधिकारी से वीडियो फुटेज दिखाकर इस कृत्य को करने वाले की पहचान की मांग की। लेकिन मंदिर प्रशासन की ओर से उन्हें वीडियो फुटेज नहीं दिखाई गई। इस पर पं. हरिओम शर्मा का परिवार मंदिर में अव्यवस्था को कोसता रहा। उधर, मंदिर अधिकारी सुरिंद्र शर्मा ने वीडियो फुटेज न दिखाने पर तर्क दिया कि रिकार्डिंग कैसे देखी जाती है, उन्हें इसकी जानकारी नही हैं। न ही मंदिर में कोई और टेक्निकल इंचार्ज है, जिसे इस रिकार्डिंग को उपयोग करने का पता हो। सवाल उठ रहा है कि नवरात्र से पहले लाखों रुपये की लागत से लगाए गए सीसीटीवी कैमरों को अगर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ही उपयोग न किया जाए तो फि र इन्हें लगाने का औचित्य क्या है?

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