

ज्योति के चरित्र पर सवाल उठाए
रामकुमार ने खुद पर लगे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उसकी आईडी पर जो मोबाइल नंबर चल रहा था, उसे दोनों ड्राइवर इस्तेमाल करते थे। उसने ज्योति के चरित्र पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उसकी कई लोगों से जान पहचान थी और हत्या में किसी का हाथ हो सकता है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए सात जुलाई की तारीख तय की है।
ज्योति मर्डरः विधायक का बयान चौंकाने वाला

मोबाइल टावर लोकेशन को आधार माना
पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक जिस रात ज्योति की हत्या हुई थी, उस रात 9816044340 और 9816464060 के मोबाइल लोकेशन लगातार बदल रहे थे। दूसरा नंबर विधायक की फर्जी आईडी पर खरीदा गया था।
हत्या में कोई भी शामिल हो सकता है
रामकुमार चौधरी ने ज्योति की जान पहचान कई लोगों से थी और ऐसे में उसकी हत्या में कोई भी शामिल हो सकता है। गवाह अनिल कुमार ने ज्योति को एक सिम कार्ड दिया था, जिसकी पुष्टि गवाह सुमित हंस उर्फ सन्नी भी कर चुके हैं।
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ज्योति से कोई रिश्ता नहीं
ज्योति के मोबाइल नंबर पर हत्या के दिन (21 नवंबर, 2012) आखिरी कॉल किसने की या ज्योति ने इस नंबर से आखिरी कॉल किसे की इसका पता किया जाए ताकि हत्यारोपी तक पहुंचा जा सके। विधायक ने कहा कि उनका न तो ज्योति से कोई रिश्ता था और न ही उन्होंने उससे कभी शादी का वादा किया था।
कुलदीप कौर के साथ हुई थी शादी
चौधरी ने अदालत में कहा कि 9816044340 का इस्तेमाल उसके दोनों ड्राइवर करते थे। 21 नवंबर को भी ड्राइवर सतपाल इस मोबाइल को लेकर कहीं और था, जबकि वह 20-21 नवंबर की रात हरिपुर संधोली, बद्दी में अपने घर पर थे। मौका ए वारदात से मिले सबूतों को अब तक सिद्ध नहीं किया जा सका है।
ये थे मुख्य गवाह और पुख्ता सबूत
मोबाइल की लोकेशन
ज्योति, रामकुमार व अन्य आरोपियों के मोबाइल वारदात वाले दिन साथ चल रहे थे। टावर लोकेशन के डिकोडेड डाटा में भी साफ हो गया है कि चंडीगढ़ से पंचकूला तक किस-किस टावर पर कैसे-कैसे नंबर एक साथ चले। कौन किस टावर से कहां तक पहुंचा।
चंडीमंदिर टोल प्लाजा की डिटेल्स
इसमें स्पष्ट है कि वारदात वाली रात वह ट्रक पंचकूला में आया था, जिससे ज्योति का सिर कुचला गया था। �
चौधरी के हस्ताक्षर
ज्योति का गर्भपात कराने के लिए मंजूरी फार्म पर साइन किए गए थे। ये साइन रामकुमार चौधरी के साइन थे, जो मैच हो चुके हैं।
ज्योति की कॉल डिटेल्स
हत्या के बाद डाटा डिलीट कर ज्योति के मोबाइल को फेंक दिया गया था। घग्गर नदी से मोबाइल रिकवर होने के बाद डाटा को रिट्राइव कराने पर पाया गया कि रामकुमार ने एक बार दो दिन में ज्योति को 40 फोन किए थे। ज्योति के मोबाइल से रामकुमार और उनकी पत्नी व एक जन्मदिन पार्टी की तस्वीरें भी रिट्राइव हो चुकी है।
एसएमएस
ज्योति के फोन से पुलिस को उसके नजदीकी दोस्त सिमी का पता चला। सिमी ने ज्योति को काफी एसएमएस कर रखे हैं। इनमें कुछ ऐसे एसएमएस हैं, जिनमें जिक्र है कि वह किसी और के लिए उसे छोड़ रही है। सिमी ने कोर्ट में बयान दिए हैं कि ज्योति ने उसे कहा था कि वह चौधरी के साथ है, जो उसकी काफी मदद करता है।
