
जोगिंद्रनगर (मंडी)। पठानकोेट-मंडी राष्ट्रीय उच्च मार्ग उरला के पास पहाड़ी दरकने से सोमवार रात्रि लगभग 11 बजे पूरी तरह बंद हो गया। यहां भूस्खलन से आधा दर्जन चीड़ के पेड़ जमींदोज हो गए। जोगिंद्रनगर की निकटवर्ती पंचायत जिमजिमा, चलाहरग, बालकरूपी और ब्यूंह में भी रात्रि के समय हुई भारी बारिश से नुकसान हुआ है। भाजपा के महामंत्री तेज सिंह ने बताया कि जिमजिमा गांव के लोग पहाड़ी से भारी मलबा और पानी आने से खौफजदा हैं। स्थानीय स्कूल की दीवार गिर गई और स्कूल के प्रांगण में मलबा आ जाने के कारण दूसरे दिन भी पाठशाला नहीं लग पाई है। गांव को जोड़ने वाली संपर्क सड़क भी नाले में तबदील हो गई है। शिव मंदिर भी मलबे में तबदील हो गया है। जिमजिमा पंचायत के चार गांव राऊं , अंदरली मंडोखर, बाहरली मंडोखर और जिमजिमा गांव के लोग खौफ के साए में रहने को मजबूर हैं। मंगलवार को विधायक गुलाब सिंह ठाकुर ने भी इस क्षेत्र का दौरा कर जायजा लिया और प्रशासन को क्षेत्र की जनता के जान माल की हिफाजत करने के आदेश दिए हैं। जोगिंद्रनगर के निकटवर्ती गांव में रामदास पुत्र भगतराम का दो मंजिला मकान भी बारिश के कारण ध्वस्त हो गया तथा साथ लगती गौशाला की एक दीवार गिर गई। चलाहरग गांव की प्राथमिक पाठशाला में बारिश के कारण तीन कमरों में पानी और मलबा आ जाने से वहां पर बच्चों को बिठाने और पढ़ाने में अध्यापकों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। हियूण नाला का मलबा भी सड़क पर आ गया। कोटरोपी सती मोड़ के पास भी भूस्खलन से कई चीड़ के पेड़ गिरने से हाईवे प्रभावित हुआ। कोटरोपी-चुक्कू संपर्क मार्ग चुक्कू के पास भारी भरकम पत्थर सड़क पर आ जाने से निगम की बस चुक्कू में ही फंस गई। कनिष्ठ अभियंता कमलकांत ने कहा कि मार्ग को बहाल कर लिया जाएगा। ग्राम पंचायत चुक्कू के मिडल स्कूल नागणी में बारिश के कारण पाठशाला भवन पानी से लबालब हो गया।
