जेल में था चोर, पुलिस तलाशती रही बाहर

रामनगर। अब ट्रेंड बदल गया है। इसीलिए अपराध और कानून व्यवस्था की दौड़ में अपराधी पुलिस तेज भागते हैं। दिमाग कंप्यूटर की तरह चलता है। सीएमएस के खाते से एटीएम से चार लाख साफ करने वाला एक अपराधी वारदात को अंजाम देने के बाद 33 दिनों से जेल में बंद है और अपनी मित्र पुलिस उसे ढूंढने के लिए बाहर हाथ-पांव मारती रही। खुद पुलिस को ही पता नहीं चला कि एटीएम से बड़ी रकम निकालने वाला मास्टरमाइंड एक पुराने मामले की जमानत तुड़वाकर जेल में कैद हो गया।
चोर-पुलिस का यह खेल किसी फिल्म की कहानी सरीखा लगता है, लेकिन अपराध की दुनिया का कुमाऊं में पहला अनोखा केस है। संयुक्त चिकित्सालय में तैनात सीएमएस डा. एससी खड़ायत का एटीएम चुराकर बीते माह एक मई को उनके खाते से साढे़ चार लाख रुपये निकाले गए। 27 दिन तक सीएमएस को इतनी बड़ी रकम आहरित होने की भनक नहीं लगी। जब पता चला तो 28 मई को उन्होंने कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस की पड़ताल में जिन लोगों के नाम सामने आए उनमें मुर्सलीम निवासी खताड़ी मामले का मास्टर माइंड निकला। उसके साथ खताड़ी के ही शमीम और शाहबाज भी वारदात में शामिल थे। मास्टर माइंड मुर्सलीम ने अपना दिमाग ऐसा दौड़ाया कि पुलिस पागल बन गई। एटीएम से पैसे निकालने के बाद मुख्य अरोपी मुर्सलीम मारपीट के अपने पुराने मामले की जमानत तुड़वाकर 12 मई को जेल चला गया। उसके जेल जाने की बात पुलिस को 28 मई को रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद भी पता नहीं चली। पुलिस ने तीनों आरोपियों के घरों को तलाशा तो फरार मिले। शनिवार को कोर्ट में पेशी के वक्त मुर्सलीम के जेल में होने की बात सामने आने के बाद पुलिस की किरकिरी हुई है तो साथ में यह भी साबित हुआ है कि अपराधियों के आगे पुलिस बौनी है। एसआई जसविंद सिंह ने बताया कि आरोपी शमीम, शाहबाज को भी पकड़ने की कोशिश की जा रही है। मुर्सलीम को रिमांड में लेने के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया जाएगा।

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