जीवीके मलबे के कारण ही हुआ नुकसान

श्रीनगर। बांध निर्माता कंपनी जीवीके और प्रशासनिक अधिकारियों ने शक्ति विहार और भक्तियाना के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। कंपनी ने प्रभावितों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। कंपनी के अधिकारियों ने दबी जुबान में स्वीकार किया कि डंपिंग यार्ड का मलबा ही यहां आया है, लेकिन दावा किया कि बांध के कारण क्षेत्र में ज्यादा तबाही नहीं हो पाई।
एसडीएम रजा अब्बास की मौजूदगी में मंगलवार को बाढ़ प्रभावितों और जीवीके कंपनी की बैठक हुई। इस मौके पर श्री क्षेत्र केदारखंड आपदा 2013 पुनर्वास और विकास संयुक्त संघर्ष समिति ने जीवीके के सीईओ प्रसन्ना रेड्डी के सामने अपनी मांगें रखी। समिति ने आरोप लगाया कि जीवीके के मलबे के कारण क्षेत्र में नुकसान हुआ है। इसलिए कंपनी प्रभावितों के नुकसान की पूरी भरपाई करे और घर भी दे। साथ ही प्रभावितों के किराए का इंतजाम भी करे।
सीईओ प्रसन्ना रेड्डी ने प्रभावितों को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया। उन्होंने माना स्थिति काफी खराब है। इसे देखते हुए प्रभावित क्षेत्र के सर्वे के लिए कमेटी गठित कर दी गई है और जल्द ही अन्य प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने दबी जुबान में स्वीकार किया कि मलबा जीवीके का है। मगर दावा किया कि बांध ने 2 करोड़ क्यूबिक मीटर मलबा रोक लिया जो भारी तबाही का सबब बन सकता था। रेड्डी ने सभी लोगों से मिलकर काम करने का आह्वान किया। कहा कि कंपनी ने 25 करोड़ का थर्ड पार्टी बीमा करवाया है। सभी प्रभावितों को इसका फायदा दिया जाएगा। इस मौके पर परियोजना समन्वयक संतोष रेड्डी, भूपेंद्र भंडारी, सभासद विजयलक्ष्मी रतूड़ी, संजय खंडूड़ी और अजय डुकलान आदि मौजूद थे।

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