
नैनीताल। पंतनगर विश्वविद्यालय में कुलपति की नियुक्ति के लिए सरकार की तरफ से बनाए गए पैनल को राज्यपाल ने अस्वीकार कर दिया है। राज्यपाल डा. अजीज कुरैशी ने पत्रकारों को बताया कि पैनल में ऐसा सदस्य भी रखा गया था जिस पर भ्रष्टाचार के आरोप थे। इस सदस्य के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज हुई थी। इसलिए पैनल अस्वीकार किया गया।
राजभवन में सोमवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में राज्यपाल ने अफसोस जताते हुए कहा कि कुमाऊं विवि जैसा बेहतरीन शिक्षण संस्थान आज यह गर्त में है। इसके लिए कर्मचारी, छात्र, शिक्षक ही नहीं जनता भी जिम्मेदार है। उन्होंने चार धाम यात्रा मार्ग को बेहतर बनाए जाने की जरूरत जताई और नंदा राजजात यात्रा में प्रतिभागियों की संख्या नियंत्रित किये जाने के प्रयास करने का आश्वासन दिया।
प्रदेश में ब्यूरोक्रेसी व कर्मचारियों की अकर्मण्यता और काम टालने की प्रवृति से राज्यपाल खासे व्यथित नजर आये। उन्होंने कहा कि विभिन्न सरकारी योजनाओं तथा सरकारी नियमों के अनुरूप होने वाले आम जन के कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ किये जाने चाहिए लेकिन प्रदेश के अधिकारी टाल मटोल कर लोगों को जबरन परेशान करते हैं जो कि प्रदेश की उन्नति में बाधक है। पहाड़ के दूरगामी क्षेत्रों में विकास न होने व सुविधाओं के अभाव को उन्होंने लोकतंत्र की भावना के विपरीत बताते हुए कहा कि उन क्षेत्रों के नागरिकों का भी विभिन्न सुविधाएं पाने का हक है और सरकार का दायित्व है कि वह मैदानी क्षेत्रों की भांति वहां भी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराए।
