जीएमवीएन क्षेत्रीय प्रबंधक, जिला पर्यटन अधिकारी के खिलाफ तहरीर

रुद्रप्रयाग। केदारनाथ त्रासदी को गंभीरता से लेते हुए विनाशकारी पर्यटन रोको (विपरो) संगठन ने कोतवाली में गढ़वाल मंडल विकास निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक व जिला पर्यटन अधिकारी के पदनाम तहरीर दर्ज की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपियाे के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन न्यायालय की शरण लेगा।
विपरो के संस्थापक महापंडित राहुल सांकृत्यान पर्यटन पुरस्कार से सम्मानित डा. शंकर काला ने कहा कि केदारनाथ त्रासदी प्राकृतिक नहीं बल्कि मानवजनित है। केंद्र सरकार ने भी इसकी पुष्टि की है। लेकिन राज्य सरकार इस विषय को गंभीरता से नहीं ले रहा है। केदारनाथ धाम हिंदुआे की आस्था का केंद्र है, जो तीर्थाटन के लिए बनाया गया था। भोगवादी पर्यटन के बढ़ने से धाम का पवित्रता समाप्त हो गई है। उन्हाेने कहा कि विपरो विगत तीन दशक से तीर्थस्थलाे में बढ़ते भोगवादी, पाश्चात्य पर्यटन पर अंकुश लगाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। लेकिन सरकार स्तर से इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की गई। बल्कि गढ़वाल मंडल विकास निगम द्वारा तीर्थ स्थलाे पर तीर्थ स्थल बनाने की जगह पर्यटक स्थल बनाए गए। जिसका खामियाजा हजारो लोगाे को उठाना पड़ा। उन्हाेने बताया कि संगठन इसके खिलाफ जनांदोलन संचालित करेगा। जिसके तहत कोतवाली में जीएमवीएन क्षेत्रीय प्रबंधन व जिला पर्यटन अधिकारी के पदनाम तहरीर दी गई है।

Related posts