जिले के 16 गांव बनेंगे आदर्श गांव

बिलासपुर। मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत बचत भवन में जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के तत्वावधान में हुई कार्यशाला में तमाम विस क्षेत्रों से चयनित 16 गांवों की पंचायतों के प्रधानों और सचिवों ने भाग लिया। इसकी अध्यक्षता अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी प्रदीप ठाकुर ने की। उन्होंने कहा कि जिले के चारों विकास खंडों में विभिन्न पंचायतों से 16 गांवों का चयन किया गया है। इन्हें एक आदर्श गांव के रूप में विकसित किया जाएगा। ऐसा गांव या उपगांव अथवा बस्ती, जहां सड़क नहीं है, को मुख्य मार्गों से जोड़ने के साथ उसके सामाजिक एवं आर्र्थिक विकास को आवश्यक सभी भौतिक एवं सामाजिक ढांचागत साधन उपलब्ध करवाए जाएंगे। सभी बच्चों को आठ वर्ष तक शिक्षा आवश्यक, महिलाओं और बच्चों में अपौष्टिकता की समस्या दूर करना, शत-प्रतिशत जन्म-मृत्यु पंजीकरण, शत-प्रतिशत शुद्ध पेयजल की उपलब्धता, ग्रामीणों द्वारा उत्पादित वस्तुओं का विपणन सुविधा, प्राकृतिक जलस्रोतों का संरक्षण, कृषि व उद्यान क्षेत्र में नकदी फसलों के उत्पादन की नवीनतम तकनीक उपलब्ध करवाने के साथ उत्तम किस्म के बीजों का बेहतर खेती को वितरण सुनिश्चित करना है। ऐसे गांवों में शत-प्रतिशत गर्भवती महिलाओं का प्रसव स्वास्थ्य केंद्रों में करवाने को विभाग कार्य करेगा। स्वच्छता स्तर बनाए रखने को कदम उठाए जाएंगे।
योजना का कार्यान्वयन विकास खंड अधिकारी के माध्यम से उपायुक्त के निरीक्षण में होगा। उपनिदेशक एवं परियोजना अधिकारी नोडल अधिकारी होगे। पंचायत तथा जिला स्तर पर कमेटियां बनाई गई हैं। ग्रामीण विकास प्लान तैयार करने को संबंधित विकास खंड अधिकारियों की अध्यक्षता में विकास खंड सदर तथा घुमारवीं में 17 जून, झंडूता और स्वारघाट में 18 को चयनित गांवों में कार्यशाला होगी। इस दौरान उपनिदेशक एवं परियोजना अधिकारी जिला ग्रामीण विकास अभिकरण रत्न सिंह चंदेल, उपनिदेशक कृषि डा. जीसी लखनपाल, उपनिदेशक पशुपालन विभाग डा. आरके दत्ता, एमओएच डा. राकेश रोशन भारद्वाज, बीडीओ सदर प्रकाश चंद, बीडीओ स्वारघाट अजय कुमारी, बीडीओ घुमारवीं अस्तिमा ठाकुर, बीडीओ झंडूता विवेक भाटिया, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण विभाग सीएल गुप्ता तथा परियोजना अर्थशास्त्री डीआरडीए देव प्रकाश धीमान भी उपस्थित थे।

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