जिला में बारिश से बर्बाद हो रही गेहूं की फसल

धर्मपुर/सरकाघाट/ मंडी। जिले में बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। बेमियादी बारिश के चलते खेतों में खड़ी गेहूं व अन्य फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। इस समय फसल पकने की कगार पर है। धर्मपुर विकास खंड में गेहूं की फसल को 60 फीसदी नुकसान हुआ है, जबकि गोपालपुर खंड में अब तक 35 से 40 फीसदी बर्बाद हो चुकी है। कृषि विभाग की ओर से सरकार को भेजी गई नुकसान की रिपोर्ट में जिले भर में गेहूं की फसल को 17 लाख से अधिक नुकसान आंका गया है।
इस बार किसानों की मेहनत पर मौसम की मार भारी पड़ रही है। पीला रतुआ रोग के साथ ही खराब मौसम से फसलें चौपट हो रही हैं। धर्मपुर व कोटली क्षेत्र में पीला रतुआ से पहले ही फसल को काफी नुकसान हो चुका है। अब बारिश से खेतों में पकने को तैयार खड़ी फसल बर्बाद हो रही है। जिले में सबसे ज्यादा गेहूं की खेती बल्ह घाटी, गोपालपुर व धर्मपुर विकास खंड में होती है। जिले में लगभग 66 हजार हेक्टेयर भूमि पर हजारों किसान परिवार गेहूं की खेती करते हैं।
कृषि विभाग ने जिला भर में बारिश से फसलों को हुए नुकसान की रिपोर्ट सरकार को भेजी थी। इसमें विभाग की ओर से गेहूं व सब्जियों की फसलों को एक करोड़ 86 लाख का नुकसान आंका गया। इसमें 16 लाख से अधिक नुकसान गेहूं फसल का शामिल था। बार-बार बिगड़ रहे मौसम से किसानों को रोजी रोटी की चिंता सता रही है।
धर्मपुर क्षेत्र के कृषि विषयवाद विशेषज्ञ एसआर पंत ने बताया कि धर्मपुर विकास खंड के कुछ क्षेत्रों में गेहूं की फसल को 70 फीसदी तक नुकसान है, लेकिन ओवर ऑल लगभग 60 फीसदी फसल को नुकसान होने का अनुमान है। गोपालपुर खंड के कृषि विषयवाद विशेषज्ञ आरडी निराला ने बताया कि गोपालपुर क्षेत्र में अब तक गेहूं फसल को 35 से 40 तक नुकसान होने का अनुमान है। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक इस समय गेहूं फसल पकने को तैयार हो रही है। बारिश फसलों के लिए नुकसानदायक है।

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