जिला में नहीं पिलाई जा रही विटामिन ए दवा

चंबा। क्षेत्रीय अस्पताल चंबा में पिछले दो माह से नौनिहालों को जीवन रक्षक वीटामिन ए दवा की ड्राप्स नहीं पिलाई जा रही है। शिशुओं की पांच बीमारियों से रक्षा करने वाली दवाई का कोटा बीते दो माह से जिला अस्पताल में खत्म हो चुका है। तीन साल तक की आयु के जिला के शिशुओं को परेशानी है। जिला से विभाग ने समय पर दवाई की डिमांड भेज दी है। शिशुओं को विटामिन ए की ड्राप्स पिलाने के लिए अस्पताल में पहुंच रहे अभिभावकों को बैरंग लौटना पड़ रहा है। शिशुओं को विभिन्न बीमारियों की चपेट से बचाने के लिए विटामिन ए काफी महत्वपूर्ण है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा समय पर अति महत्वपूर्ण दवाई की खेप की सप्लाई समय पर न भेजना कई सवाल खड़े कर रहा है। बच्चे के जन्म के नौ माह बाद विटामिन ए की पहली डोज पिलाई जाती है। इसके तीन वर्ष तक हर छह माह के बाद विटामिन ए पिलाई जाती है। 0
जिला अस्पताल की बात करें तो जिला की समस्त तहसीलों में शिशु विशेषज्ञों की कमी है और अधिकतर अभिभावक अपने बच्चों को इलाज के लिए क्षेत्रीय अस्पताल में लाते हैं। बच्चों को टीका व कई महत्वपूर्ण दवाइयां यहीं पिलाते हैं। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. वाईडी शर्मा ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन ने समय पर डिमांड भेज दी है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि जल्द ही अस्पताल में दवाई की खेप पहुंच जाएगी।

क्यों जरूरी है विटामिन ए
विटामिन ए की खुराक खांसी, जुकाम, डायरिया, दस्त, उल्टी लगने से बच्चों की रक्षा करती है। हर छह माह बाद बच्चों को यह खुराक पिलाना जरूरी है। शिशु विशेषज्ञों का कहना है कि विटामिन ए की नियमित खुराक कान के पर्दे को बचाने और इंफेक्शन से भी रक्षा करने में भी सहायक होती है।

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