
सोलन। जोनल अस्पताल सोलन में दवा नियंत्रक प्राधिकरण की टीम ने शनिवार को छापामारी है। भारी मात्रा में ग्लूकोज मौके पर बरामद किया गया है। लिहाजा संदेह जताते हुए टीम ने तीन किस्म के ग्लूकोज के सैंपल लिए हैं। साथ ही स्टोर में पड़ी कुछ जेनेरिक दवाओं के नमूने भी टीम ने एकत्र किए हैं।
प्राधिकरण के अधिकारी इसे रूटीन कार्रवाई बता रहे हैं। सैंपल कंडाघाट स्थित कंपोजिट टेस्टिंग लैब में भेजे गए हैं, लेकिन वहां ड्रग्स एनालिस्ट न होने के चलते इन दवाओं की टेस्टिंग भी अधर में लटकने के आसार हैं। सूत्रों के मुताबिक करीब तीन से चार ट्रक ग्लूकोज स्टोर में पड़ा है। पूरे जिला में दवाओं की सप्लाई इसी स्टोर से जाती है। उधर, इस बारे में जब ड्रग्स इंस्पेक्टर ललित कुमार ने चैकिंग की बात स्वीकार की है। उन्होंने बताया कि यह रूटीन की सैंपलिंग है। ग्लूकोज और जेनेरिक दवाओं के सैंपल लिए गए हैं। जिन्हें टेस्टिंग के लिए कंडाघाट स्थित लैब में भेजा जाएगा।
इन तीन किस्मों की सैंपलिंग
जिला ड्रग्स स्टोर से तीन किस्म के ग्लूकोज की सैंपलिंग की गई है। इनमें डीएनएस, एनएस और डीएफ किस्म के ग्लूकोज सैंपलिंग के लिए उठाए गए हैं। चिकित्सकों के मुताबिक हर किस्म की अलग कंपोजिट होती है। लिहाजा टेस्टिंग के बाद ही गुणवत्ता का पता चल पाएगा।
आरकेएस सदस्यों ने जताई चिंता
सोलन। रोगी कल्याण समिति के मनोनीत सदस्य पूर्व पार्षद रेणू सेठी और पूर्व डीसीसी अध्यक्ष शिव कुमार ने अस्पताल मैस को लेकर चिंता जताई है। कहा कि इस संबंध में वे एमएस और चिकित्सकों से मिले हैं। साथ ही अस्पताल में रोगियों को मिल रहे खाने पर असंतुष्टता जाहिर की है। मैस में खानपान की क्वालिटी बढ़ाने के लिए सीएमओ से सिफारिश की है। उधर सीएमओ सोलन डा.शशिपाल ने कहा कि सदस्यों की सुझावों पर ध्यान दिया जाएगा।
