
ग्रामीण विकास और पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि जियो टैगिंग में पात्र मिले लोगों का ही प्रधानमंत्री आवास योजना में चयन हो सकेगा। हिमाचल प्रदेश को इस योजना में कोई विशेष पैकेज नहीं मिला है। वर्ष 2018 में पहला सर्वे हुआ था। कुछ समय पूर्व भी सर्वे हुआ है। जो अब पात्रता पूरी नहीं करते, उनकी धनराशि कहीं और शिफ्ट नहीं होगी। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने के चलते पैसा लैप्स हो जाएगा।
शुक्रवार को प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक विनोद कुमार, रणधीर शर्मा, जीतराम कटवाल, पवन काजल, हंसराज और सुखराम चौधरी की ओर से उठाए गए सवालों पर मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि इस साल 92 हजार मकानों के आवंटन का लक्ष्य रखा गया है। प्रस्ताव भेजने में मनमानी करने वाले पंचायत प्रधानों को भी उन्होंने चेताया। कहा कि गत दो वर्षों में 30 नवंबर तक प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत कुल 81928 आवासों के पात्र लाभार्थियों को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। इन आवासों के निर्माण के लिए 122892.00 लाख रुपये (केंद्र और राज्य हिस्सेदारी) की धनराशि स्वीकृत की गई है।
