
चौखुटिया। जाबर के देवी मंदिर में नंदा देवी का मुख्य मेला शुरू हो गया है। इससे पूर्व मां नंदा देवी के प्रतीक कदली वृक्ष को ग्राम पंचायत नवाण से लाया गया। जो वाया बगड़ी और टेड़ागांव होकर जाबर मंदिर पहुंचा। मंगलवार को विसर्जन और भंडारे के साथ मेले का समापन होगा।
मंदिर परिसर में सबसे पहले कदली वृक्ष से नंदा देवी की मूर्ति बनाई गई। बाद में उसकी स्थापना और प्राण प्रतिष्ठा के साथ पूजा-अर्चना की हुई। मेला स्थल पर सुबह से ही श्रृद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी थी। मेला रात भर चलता रहेगा।
मेला शुरू होने से पूर्व सोमवार की सुबह परंपरा के अनुसार नवांण के जोशी और अन्य ग्रामीण पहले दिन आमंत्रित किए गए नंदा देवी के प्रतीक कदली वृक्ष को नवांण से लाकर रामगंगा नदी के दूसरे छोर तक पहुंचाने के बाद घरों को लौट गए। इसके बाद कदली वृक्ष को जाबर मंदिर तक ले जाया गया। इस दौरान वृक्ष को बगड़ी व टेड़ागांव में कुछ देर रोककर पूजा की गई।
बाहरी क्षेत्रों से भी कई दुकानदार यहां पहुंचे हैं। मेले में संयोजक कुबेर सिंह कठायत, हर सिंह, मोहन सिंह, बलवंत सिंह, तहसीलदार आनंद सिंह भंडारी सहित सभी ड्योडियों के प्रतिनिधि आदि मौजूद थे।
