जान हथेली पर रख खड्ड पार कर रहे ग्रामीण

सिहुंता (चंबा)। यहां की चन्हाल खड्ड पर पुल न होेने के कारण जिला चंबा व कांगड़ा के सैकड़ों ग्रामीण जान जोखिम में डालकर खड्ड को पार करने को मजबूर हैं। बीते वीरवार को इस खड्ड में एक व्यक्ति बह गया था। ग्राम पंचायत जोलना के छछकड़ा गांव स्थित चन्हाल खड्ड पर वर्ष 1956 में पुल का निर्माण किया गया था। इस पुल पर जिला कांगड़ा की कोटला, बलाह, बग्गा, रजोल, सियुणी व त्रिलोकपुर पंचायतों के अलावा सिहुंता व जोलना के दर्जनों गांवों के लोग सफर करते थे, लेकिन वर्ष 2001 में बरसात के मौसम में खड्ड का जलस्तर बढ़ने से पुल क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद आज तक पुल का निर्माण नहीं हो पाया है। इस कारण सैकड़ों ग्रामीण जान जोखिम में डालकर इस खड्ड को पार करते हैं। जोलना पंचायतवासियों की सिहुंता क्षेत्र में जमीन है और ग्रामीणों को इसी खड्ड को पार कर खेतीबाड़ी करने के लिए जाना पड़ता है। इसके अलावा भरमौर क्षेत्र के गडरिये हर साल अपने भेड़-बकरियों क ो इसी रास्ते से लेकर आते जाते हैं। पुल न होने के कारण कई बार उनक ी भेड़ खड्ड में बह जाती है। इसके अलावा जोलना के दर्जनों बच्चे हर रोज इसी खड्ड को पार कर सिहुंता स्कूल पहुंचते हैं। इस कारण उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। विशेषकर बरसात के मौसम में खड्ड का जलस्तर बढ़ने से हादसे का भय बना हुआ है। पंचायत प्रधान जोलना पवना देवी, स्थानीय निवासी बलदेव सिंह, राजकुमार व संजय कुमार ने बताया कि इस खड्ड पर पुल निर्माण को लेकर वे स्थानीय विधायक व मुख्यमंत्री को कई बार अवगत करवा चुके हैं, लेकिन आज तक पुल का निर्माण नहीं हो पाया है। उन्होंने प्रदेश सरकार से इस खड्ड पर पुल बनाने की मांग की है। इससे कांगड़ा व चंबा के सैकड़ों ग्रामीणों को सुविधा मिलेगी। लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता अशोक कौंडल ने बताया कि पहले सिहुंता जोलना मार्ग नाबार्ड के अधीन था। हाल ही में यह विधायक प्राथमिकता के शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि जल्द डीपीआर तैयार कर पुल का निर्माण कर दिया जाएगा।

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