
टनकपुर। पवित्र शारदा नदी में स्नान कर पुण्य कमाने को दूर दराज से बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं, मगर घाट में न तो यात्रियों के लिए पर्याप्त व्यवस्था है और न ही सुरक्षित स्नान की सुविधा। श्रद्धालु जान जोखिम में डालकर डूबकी लगाने को विवश हैं, जिसके चलते बीते एक दशक में दो दर्जन से अधिक लोगों की डूबकर मौत हो चुकी है।
धार्मिक लिहाज से शारदा नदी का विशेष महत्व है। मां पूर्णागिरि धाम के दर्शन को आने वाले श्रद्धालुओं के साथ ही धार्मिक पर्वों पर स्नान के लिए यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। श्रद्धालुओं की आस्था का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सिर्फ पूर्णागिरि मेले की दो माह की अवधि में ही देवी के दर्शन को आने वाले 10 से 15 लाख लोग टनकपुर और बूम घाट पर शारदा में डूबकी लगाते हैं, मगर दोनों ही घाटों पर सुरक्षित स्नान की व्यवस्था नहीं है। मेला अवधि में जरूर सुरक्षा के लिए नगर पालिका द्वारा चेतावनी बोर्ड लगाने के साथ ही तैराक पुलिस तैनात की जाती है। महिलाओं के लिए कपड़े बदलने को घाट में तीन चैंजिंग रूम बने हैं, लेकिन एक पर तैराक पुलिस का कब्जा है तो दो जीर्णक्षीर्ण हाल में है।
