
दुनिया में सिर्फ तीन देश- अमेरिका, रूस और चीन के पास ही अपने दो स्पेसक्राफ्ट या सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष में डॉक करने की क्षमता है। अब 2024 के आखिरी मिशन के जरिए भारत जल्द ही इस क्षमता को हासिल करने वालों में चौथा देश बनने वाला है। इसरो के स्पेडेक्स (SpaDex) नाम के इस मिशन की लॉन्चिंग 30 दिसंबर को होनी है। स्पेडेक्स का पूरा अर्थ है- स्पेस डॉकिंग एक्सपेरिमेंट।
क्या होती है अंतरिक्ष में डॉकिंग?
