
बड़कोट।प्रमुख वन संरक्षक आरवीएस रावत ने कहा कि केदारनाथ में जलप्रलय के लिए जलवायु के परिवर्तन और कम समय में तेजी से विकास की दौड़ मुख्य कारण रही । उन्होंने धर्म के साथ-साथ कर्म को जोड़ कर आगे बढ़ने की जरूरत बताई।
राजकीय बालिका इंटर कालेज बड़कोट में नगरपंचायत और अपर यमुना वन प्रभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित वन महोत्सव में डा.रावत ने कहा कि प्रकृति एवं प्राकृतिक संसाधन हमारी धरोहर हैं। आज इनको संजोए बिना हम सुरक्षित नहीं रह सकते।
एसडीएम देवमूर्ति यादव ने कहा कि छुद्र आकांक्षा और अभिलाषा ही राज्य में आई आपदा का कारण बनी। वन सरंक्षक रंजन मिश्रा और अन्य वक्ताओं ने नगर पंचायत अध्यक्ष अतोल रावत की ओर से नगर को ग्रीन नगर के रूप में विकसित कर राज्य में एक मॉडल प्रस्तुत करने के प्रयास की सराहना की। कार्यक्रम का संचालन करते हुए नगरपंचायत अध्यक्ष अतोल रावत ने वन संबंधी हक-हकूकों व हिमाचल की तर्ज पर यहां पर जड़ी-बूटी की खेती के अधिकार की बात कही। इस मौके पर डीएफओ डीके सिंह, एसीएफ बृजमोहन डोबरियाल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सकल चंद रावत, वन पंचायत की अनूप रावत, विद्यालय के प्रधानाचार्य अशोक कुमार, बरदेव नेगी, गुरुदेव रावत आदि मौजूद थे।
