जलप्रलय से जिले के 63 गांव प्रभावित

गोपेश्वर। जनपद में अलकनंदा, पिंडर नदी के जलप्रलय से 63 गांव और कस्बे प्रभावित हुए हैं। अब पिंडर और जोशीमठ क्षेत्र के आपदा पीड़ितों को एक ओर अपने नौनिहालों के भविष्य की, तो दूसरी ओर अपनी माटी से बिछुड़ने की चिंता सताने लगी है।
नारायणबगड़, थराली कस्बे और यहां रह रहे लोगाें के करीब 48 आवासीय भवन पिंडर नदी की भेंट चढ़ गए हैं। थराली के नासिर बाजार में नसीर अहमद, सराफत अली, मुमताज अहमद, नफीस अहमद, ताहिर हुसैन, जफर हुसैन, असरफ अली और अकबर अली सहित 17 दुकानदार दुकानें और आवास छोड़कर चले गए हैं। अलकनंदा की चपेट में आए भ्यूंडार और पुलना के 98 परिवार फिलहाल जोशीमठ में सरकारी भवन में रह रहे हैं। भ्यूंडार गांव के प्रभावित अरविंद का कहना है कि जहां हमारा गांव था, वहां अलकनंदा और लक्ष्मण नदी बह रही है। प्रभावित भूपाल सिंह का कहना है कि जोशीमठ में सरकारी भूमि पर आवासीय भवन बनाए जाने की मांग सरकार से कर रहे हैं। हेमकुंड साहिब यात्रा से रोजगार भी चल रहा था, अब तो वह भी ठप पड़ गया है।
जनपद में पूर्व की आपदाओं के चलते विस्थापन की श्रेणी में रखे 74 गांवों में से अभी तक एक भी गांव विस्थापित नहीं हो पाया है। जबकि हाल की आपदा में बर्बाद हुए 63 गांव, कस्बों को फिर से बसाने की चुनौती खड़ी है।

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