
नई दिल्ली : जर्मनी ने भारत की नई सरकार के साथ द्विपक्षीय संबंधों के विस्तार की इच्छा जताई है। जर्मनी के विदेश मंत्री फ्रैंक वाल्टर स्टीनमर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आज यहां उनसे मुलाकात के दौरान अपने देश की इस इच्छा से अवगत कराया। उन्होंने हनोवर मेस 2015 में सांझेदार देश के रूप में भाग लेने के लिए जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल के निमंत्रण को स्वीकार करने पर भारत की सराहना की। मोदी ने दोनों देशों के संबंधों में व्यक्तिगत रुचि लेने के लिए मर्केल की प्रशंसा की और कहा कि भारत उनकी 2015 में प्रस्तावित यात्रा की प्रतीक्षा कर रहा है। उन्होंने पिछले दशक के दौरान जर्मनी की उल्लेखनीय आर्थिक प्रगति की भी सराहना की।
प्रधानमंत्री ने लोकतांत्रिक मूल्यों पर चल रहे दोनों देशों को एक-दूसरे का पूरक बताते हुए कहा कि दोनों के पास कौशल तथा संसाधन हैं और विनिर्माण तथा बुनियादी ढांचे के विकास में सहयोग के माध्यम से वे औद्योगिक विकास को अगले स्तर तक पहुंचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि कौशल विकास के क्षेत्र में जर्मनी के अनुभव का इस्तेमाल कर दोनों पक्ष भारतीय युवकों के प्रशिक्षण के लिए समयबद्ध योजना तैयार कर भारत तथा अन्य देशों की जरूरतों को पूरा कर सकते हैं। उन्होंने स्वच्छ ऊर्जा, कचरा प्रबंधन, जलशोधन और नदियों की सफाई में मौजूदा सहयोग को आगे ले जाने पर भी जोर दिया। बैठक में इस बात पर सहमति जताई गई कि दोनों पक्ष इन क्षेत्रों में सहयोग के लिए योजना पर काम करेंगे।
