
रानीखेत। सावन में भगवान शिव का जलाभिषेक शुभ माना जाता है। इसीलिए श्रद्धालु तीर्थ स्थलों से गंगा जल लाकर अपने-अपने क्षेत्र के शिवालयों में जलाभिषेक करते हैं। एरोड़ और मजखाली क्षेत्र से जल लेने हरिद्वार गए कांवड़िये हर-हर महादेव के जयकारे के साथ यहां पहुंचे।
यहां पंचेश्वर महादेव सहित क्षेत्र के विभिन्न शिवालयों में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं का सुबह से ही तांता लगा रहा। मंदिरों में शिर्वाचन, पूजा पाठ, अखण्ड रामायण, श्रीमद गीता भागवत, हवन चल रहा है। ग्रामीण क्षेत्र की गुरुगोरखनाथ की धूनियों में बैसी, तीमासी, छह मासी कार्यक्रम भी चल रहे हैं। श्रद्धालु देव डंगरियों का आशीर्वाद लेने के लिए दूर दराज के क्षेत्रों से पहुंचते हैं। एरोड़, मजखाली क्षेत्र से गत दिनों गंगाजल लेने हरिद्वार गए कांवड़िए लौट आए हैं। जयकारे के साथ कांवड़ियों ने शिव मंदिरों में जलाभिषेक किया। उधर, कुंपुर लालकुर्ती स्थित शिव मंदिर में भी सुबह से भजन-कीर्तन चल रहे हैं, शिव मंदिर कमेटी के अध्यक्ष रामेश्वर गोयल ने सभी से मंदिर में आकर नियमित पूजा अर्चना करने की अपील की है।
