जमीन धंसने से सहमे ममाण के लोग

लडभड़ोल/धर्मपुर/चैलचौक। बरसात के खतरे के बीच लोगों को कई जगह विभाग एवं प्रशासन की लापरवाही का सामना भी करना पड़ रहा है। लडभड़ोल क्षेत्र में लगातार बरसात से ममाण गांव खतरे की जद में है। यहां लोग सहमे हुए हैं। लेकिन, प्रशासन लोगों को भयमुक्त नहीं कर सका है। नाग मंदिर के पास बने घरों को जमीन धंसने से गंभीर खतरा पैदा हो गया है। जमीन धंसने का सिलसिला पिछले 4-5 साल से जारी है। लेकिन, प्रशासन तथा विभाग ने अभी तक कोई उचित कदम नहीं उठाए हैं। वहीं, ममाण बनांदर पंचायत की प्रधान शशि कुमारी, जसपाल ममाणिया, दुनी चंद, जगरनाथ, हरी सिंह, कपूर चंद, विजय कुमार, मैना देवी, कांता देवी, अशोक कुमार आदि कहना है कि यदि विभाग ने जल्द पुख्ता कदम नहीं उठाए तो सड़क के साथ नाग मंदिर तथा बस्ती भी धंस जाएगी। पंचायत प्रधान का कहना है कि इस खतरे के बारे में एसडीएम जोगिंद्रनगर को सूचना दी है।
उधर, धर्मपुर विकास खंड की ग्राम पंचायत बनाल के डिडणू गांव में भूप सिंह के मकान को खतरा बना हुआ है। भूप सिंह के घर के पीछे मई माह में सड़क का कार्य हुआ है। मनाही के बावजूद सड़क का मलबा उसके घर के पीछे फेंक दिया गया, जो विभाग की लापरवाही केचलते बरसात में कहर बरपा रहा है। मलबा भूप सिंह के घर पर पहुंच गया है तथा एक दीवार ढह गई है। खतरा टला नहीं है, मलबे की चपेट में पूरा मकान है।
उधर, चैलचौक में रामापा देवीदहड़ के भवन पर ल्हासा गिरने से नुकसान हुआ है। स्कूल भवन के एक कमरे के अंदर मलबा-पत्थर घुस गए हैं। इससे अन्य कमरों की दीवारों में भी दरारें पड़ गई है। कोट-देवीदहड़ सड़क बंद है। स्कूल प्रबंधन समिति अध्यक्ष टेक चंद, मुख्याध्यापक आदर्श कुमार ने बताया कि बारिश के कारण स्कूल भवन पर पत्थर एवं भारी मलबा गिर गया है। विभाग को शिकायत की है।

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