
अल्मोड़ा। पहले स्कूल स्थापित करने के लिए दो नाली जमीन दान में दी, लेकिन भवन बनने के तीन साल बाद जब शिक्षा विभाग वहां स्कूल संचालित नहीं कर सका तो भूमि दान में देने वाले व्यक्ति ने स्कूल पर अपना कब्जा जमा लिया है। यह व्यक्ति किसी हालत में कब्जा हटाने को तैयार नहीं है। दो हफ्ते पहले नायब तहसीलदार और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भी मौके पर जाकर भवन स्वामी से मुलाकात की, लेकिन उसने स्कूल से अपना ताला हटाने से साफ इंकार कर दिया। उसने इस भवन से स्कूल का नाम आदि भी मिटा दिया है। इस घटनाक्रम के बाद शिक्षा विभाग के अफसर सकते में हैं।
भिकियासैंण तहसील के अंतर्गत भतरौंजखान के निकट दनपौ ग्राम सभा के बधांण तोक की हरिजन और मुस्लिम बहुल बस्ती में 2006-07 में सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत एक प्राथमिक विद्यालय स्वीकृत हुआ था। इस विद्यालय के लिए राम सिंह कड़ाकोटी ने दो नाली जमीन दान कर बकायदा विभाग के नाम रजिस्ट्री भी करवा दी। इसके बाद सन 2009-10 में 3.78 लाख की लागत से भवन भी बनकर तैयार हो गया। विभाग ने यह भवन अपनी सुपुर्दगी में ले लिया। विभाग ने 2010 में यहां के लिए एक विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षु की तैनाती कर दी। प्रशिक्षु की तैनाती सिर्फ तीन माह के लिए हुई थी। इसलिए स्थानीय लोगों के बच्चों को स्कूल में प्रवेश नहीं दिलवाया। संबंधित प्रशिक्षु को राजकीय प्राथमिक स्कूल दनपौ में तैनात कर दिया गया। उसके बाद से स्कूल में कोई शिक्षक नहीं भेजा गया। बाद में शिक्षा विभाग ने इस भवन में आंगनबाड़ी स्थापित कर दी। ग्राम प्रधान के मौखिक निर्देश पर पिछले साल सितंबर में आंगनबाड़ी को भी स्कूल से हटाकर पंचायत भवन में भेज दिया गया। तब से विद्यालय भवन में ताला लग गया। इसी बीच पूर्व में विद्यालय को जमीन दान कर चुके राम सिंह कड़ाकोटी ने विद्यालय भवन पर अपना ताला डाल दिया। इस व्यक्ति ने बकायदा स्कूल का नाम आदि भी मिटा दिया। बीते दिनों व्यापार मंडल अध्यक्ष कैलाश चंद्र पंत आदि ने इस संबंध में प्रशासन और शिक्षा विभाग से शिकायत की, इस पर दो सप्ताह पहले नायब तहसीलदार राधे राम के नेतृत्व में शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे तो राम सिंह कड़ाकोटी ने स्कूल से कब्जा छोड़ने से मना कर दिया। अगले दिन शिक्षा विभाग की एक और टीम सर्व शिक्षा अभियान के ब्लाक प्रभारी डा. रमेश चंद्र पंत के नेतृत्व में विद्यालय पहुंची, लेकिन भवन स्वामी ने चाबी देने से साफ इंकार कर दिया। भवन स्वामी राम सिंह कड़ाकोटी का कहना है कि उसने अपनी जमीन विद्यालय खोलने के लिए दी, लेकिन विभाग ने आज तक विद्यालय नहीं खोला है। श्री कड़ाकोटी का कहना है कि उन्होंने शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर जमीन से मलबा हटाने को कहा है। इधर यह भी पता चला है कि शिक्षा विभाग ने एक हफ्ते पहले आनन-फानन में इस स्कूल में एक शिक्षक रघुवीर सिंह फर्त्याल की तैनाती के आदेश भी कर दिए हैं, लेकिन अब दानदाता मानने को तैयार नहीं है।
