
चंपावत। जिला मुख्यालय से लगे आसपास के गांवों के किसान सूअरों के आतंक से परेशान हैं। सूअर काश्तकारों की मक्का, मूंगफली, सोयाबीन, अदरख की फसलों के साथ ही सब्जियों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। सूअरों के झुंड के झुंड खेतों को रौंदकर काश्तकारों को खून के आंसू रोने पर विवश कर रहे हैं। काश्तकारों की ओर से वन विभाग को ज्ञापन देकर सूअरों को मारने की मांग उठाई है।
चक्कूचौधराली ग्राम पंचायत के महेश सिंह, भैरव सिंह, बसंत कुमार आदि काश्तकारों का कहना है कि जंगली सुअंरों के आतंक से उनका जीना मुहाल हो गया है। आलू की खेती हो या अन्य कोई फसल सभी को सूअरों के आतंक से जूझना पड़ रहा है। एक तो इस बार लंबे समय तक बरसात होने के कारण फसलों और सब्जियों को खासा नुकसान पहुंचा है। वहीं सूअरों ने रही सही कसर पूरी कर दी है। ग्रामीणों की ओर से वन विभाग को ज्ञापन देकर सूअरों को मारने की मांग उठाई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि विभाग ऐसा करने में सक्षम नहीं है तो उन्हें सूअरों को मारने की अनुमति दे दे।
