
पिथौरागढ़। छोटा कैलास की यात्रा पर गया दूसरा दल बगैर भगवान भोले के दर्शन किए वापस लौट गया है। इस दल के सदस्यों को सेना के हेलीकॉप्टर सोसा नामक स्थान से वापस लाए।
शुक्रवार को छोटा कैलास यात्रा दल पर गया 44 सदस्यीय दल पिथौरागढ़ होते हुए अल्मोड़ा रवाना हो गया है। थोड़े समय के लिए केएमवीएन के गेस्टहाउस में रुके यात्रियों में यात्रा पूरी न कर पाने का मलाल है। यात्री केएमवीएन की सेवाओं से खुश दिखे। यात्रियों के साथ ही दल के जनसंपर्क अधिकारी जितेंद्र वर्मा ने कहा कि केएमवीएन ने यात्रियों को परेशान नहीं होने दिया। यात्रियों के लिए कई किलोमीटर दूर से भोजन की व्यवस्था की।
निगम के एमडी दीपक रावत लगातार दल के संपर्क में रहकर यात्रियों का हौसला बढ़ाते रहे। यात्रियों ने सुझाव दिया है कि सरकार को यात्रा मार्ग पर सुविधा बढ़ानी चाहिए। बूंदी से लखनपुर तक 10 किमी का रास्ता किसी भी यात्री का मनोबल तोड़ सकता है। पैर के नीचे उफनती काली नदी तो ऊपर 90 डिग्री की चट्टान है। मार्ग में रेलिंग नहीं होने से जान हर समय सांसत में रहती है। अब सरकार को यात्रा मार्ग की ओर प्राथमिकता से ध्यान देना चाहिए।
