
नूरपुर (कांगड़ा)। इंदौरा क्षेत्र के दो मुख्य दरिया छोंछ और व्यास उफान पर हैं। बारिश के बाद इनमें जलस्तर बढ़ गया है। इससे दर्जन भर गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। सेना ने इन गांवों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। अगर नदियों में जलस्तर बढ़ता है तो लोगों को सेना के जवान सुरक्षित जगह में शिफ्ट करेंगे। व्यास नदी में पौंग जलाशय से छोड़े गए पानी से मंड का पूरा क्षेत्र जलमग्न हो गया है। कंदरोड़ी स्थित सेना के नो एफओडी ने कैंप में दो यूनिटें तैनात कर दी हैं। सेना ने छोंछ खड्ड के किनारे बसे जिंदड़ी, चक-नागलियां, मलोट, बाड़ी, कंदरोड़ी, शेखपुरा, बांई, मन्हासा चक तथा पंजाब के कई गांवों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। बाढ़ आने की स्थिति पर सेना इन गांवों के लोगों को सुरक्षित जगह में शिफ्ट करेगी। जलस्तर बढ़ने से फसलाें को भारी नुकसान हुआ है। छोंछ खड्ड में आई बाढ़ ने डाहकुलाड़ा में पुल को तोड़ दिया है। बाढ़ का पानी खड्ड के किनारे बनाई गई सुरक्षा दीवार को तोड़ते हुए कंदरोड़ी स्थित सेना कैंप में जा घुसा। छोंछ के किनारे बसे गांव मलोट, बांई अटारियां, कंदरोड़ी में लोगों को अपने घरों से निकल कर छत पर आना पड़ा। केंद्रीय भू जल विभाग द्वारा लगाई जा रही परियोजना में काम कर रहे लोगों के तंबू पानी में बह गए हैं। चार लोगों को मशीनों पर चढ़कर अपनी जान बचानी पड़ी। पुल टूटने से इंदौरा क्षेत्र राष्ट्रीय मार्ग पठानकोट-जालंधर वाया मोहटली से कट गया है।
एसडीएम अश्वनी सूद ने बताया कि इलाके में सेना ने हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। पानी बढ़ जाता है तो लोगों को तुरंत शिफ्ट किया जाएगा।
क्षेत्र के विधायक मनोहर धीमान ने रविवार सुबह बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का फिर से दौरा कर लोगों को सरकारी सहायता प्रदान करवाने का आश्वासन दिया है।
