
शिमला। छात्र संगठन चुनाव को लेकर बढ़ रहे टकराव को रोकने के लिए पुलिस ने शहर के अलग-अलग हिस्साें से मंगलवार रात चालीस छात्रों की धरपकड़ की। ये विभन्न छात्र संगठनों के हैं। कॉलेज परिसर, हॉस्टल और बाजार में झगड़े की नीयत से घूम रहे छात्रों को पकड़ा गया है। हालांकि पूछताछ के बाद सख्त हिदायत देकर इन्हें छोड़ दिया है। पुलिस ने गश्त भी कड़ी कर दी है।
आने वाले शनिवार को छात्र संगठन के चुनाव हैं। प्रदेश विश्वविद्यालय के अलावा संजौली, आरकेएमवी, कोटशेरा, सांध्य कॉलेज और संस्कृत कॉलेज में चुनाव होने हैं। एनएसयूआई, एसएफआई और एबीवीपी तीनों छात्र संगठन मैदान में डटे हैं। अपना वर्चस्व कायम करने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं। इसी वजह से कहीं तनाव भी पैदा हो रहा है। कॉलेज के झगड़े सड़कों तक पहुंच रहे हैं। इसी कड़ी में शनिवार तक शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस रात्रि गश्त भी कर रही है। देर रात झुंडों में टहलने वाले छात्रों की धर पकड़ कर उन्हें चेतावनी देकर छोड़ रही है।
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पुलिस रख रही कड़ी नजर
पुलिस अधीक्षक अभिषेक दुल्लर ने कहा कि हुड़दंगियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। रात्रि गश्त बढ़ा दी गई है। संदेह के आधार पर पकड़ा जा रहा है और पूछताछ की जा रही है। ढाई सौ पुलिस कर्मचारियों को विवि और कॉलेजों में तैनात किया गया है। हॉस्टलों की तलाशी भी ली जा रही है।
रक्त रंजित रहा है छात्र चुनाव का इतिहास
हिमाचल विवि परिसर में छात्र राजनीति का काला अध्याय भी है। अब तक विवि की छात्र राजनीति में एनएसयूआई के दो और एबीवीपी के एक छात्र नेता की मौत हो चुकी है। इसमें एनएसयूआई के भरत भूषण 1987, नासीर खान की 1989 और एबीवीपी के कुलदीप डडवालिया की 1995 में मौत हो चुकी है। इन घटनाओं के बाद विवि के कई आरोपी छात्र सलाखों के पीछे भी रह चुके हैं।
