
बिलासपुर। राज्य भर के कालेजों में राष्ट्रीय उच्च शिक्षा अभियान प्रणाली (रूसा) लागू तो कर दी है। शुरुआती दौर में ही यह प्रणाली डगमगाती नजर आ रही है। राज्य के कई जिलों में अभी तक प्रथम वर्ष के विद्यार्थियो के लिए पुस्तकें हीं नहीं पहुंची है। 30 दिन बाद होने वाली प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा को लेकर विद्यार्थी चिंतित हो गए हैं।
पहले सेमेस्टर की अर्धवार्षिक परीक्षा की तैयारी को लेकर विद्यार्थियों में असमंजस में है। उन्हें इस बात का ही पता नहीं चल रहा है कि आखिर वह तीस दिन बाद होने वाली अर्धवार्षिक परीक्षा की तैयारी कहां से और कैसे करेंगे। कालेजों में एडमिशन लेने वाले विद्यार्थियों को अभी तक पुस्तकें नहीं मिली है। फर्स्ट ईयर का सिलेबस नहीं पहुंच पाया है। कालेजों में कक्षाएं चल रही हैं। जिन कालेजों को सिलेबस नहीं मिला है। स्टूडेंट्स पहले सेमेस्टर की परीक्षा कैसे पास करेंगे? राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बिलासपुर, घुमारवीं, जुखाला, सोलन, मंडी, कुल्लू, सोलन सहित कई प्रदेशों में अभी तक पुस्तकें नहीं पहुंची है। बिलासपुर में भी पुस्तकों के लिए विद्यार्थी इधर-उधर भटक रहे हैं। बिलासपुर के प्रधानाचार्य आरपी चौपड़ा का कहना है कि इंटरनेट से सिलेबस डाऊनलोड किया है।
जिला प्रमुख एबीवीपी मंजीत नड्डा ने कहा कि प्रदेश विश्वविद्यालय ने सौ करोड़ की ग्रांट के लिए छात्रों का भविष्य दांव पर है। कालेजों में जल्द सिलेबस न पहुंचने पर आंदोलन करेंगे। प्रधान केंद्रीय छात्र संघ और बीएसए सदस्य मनीष ठाकुर ने कहा कि प्रदेश विश्वविद्यालय द्वारा जल्द ही पुस्तकों की व्यवस्था की जाए। इसके विरोध बिलासपुर स्टूडेंट्स एसोसिएशन आंदोलन करेगी। परिसर अध्यक्ष एनएसयूआई विजय ने कहा कि छात्र हितों की अनदेखी कभी सहन नहीं की जाएगी। यदि आवश्यकता हुई तो एनएसयूआई छात्र हित की रक्षा के लिए आंदोलन करेगी।
प्रदेश विश्वविद्यालय ईसी सदस्य और विधायक बंबर ठाकुर ने कहा कि इस बारे में प्रदेश विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार से बात की गई है। जल्द ही इस समस्या का समाधान हो जाएगा।
