छात्र संगठनों ने डोर-टू-डोर लगाई ताकत

मंडी। शुक्रवार को छात्र संगठनों ने डोर-टू-डोर प्रचार में अपनी पूरी ताकत झाेंकी। वल्लभ कालेज मंडी से तीनों ही छात्र संगठनों ने अलग-अलग हिस्साें में जाकर चुनाव प्रचार किया। छात्र संगठनाें की कुछ टोलियों ने शहर तो कुछ ने ग्रामीण क्षेत्रों में दिन भर चुनाव प्रचार का मोर्चा संभाला। छात्र संगठनाें ने एससीए चुनाव में जीत के लिए जहां प्रत्याशी के पक्ष में वोट एवं स्पोर्ट की अपील की। वहीं, दूसरे छात्र संगठनों की नाकामियों से भी डोर-टू डोर छात्राें एवं अभिभावकों को अवगत करवाया। इससे पूर्व वीरवार को भी छात्र संगठनाें ने स्वतंत्रता दिवस की छुट्टी के बावजूद कई ग्रामीण क्षेत्रों तथा शहर में जाकर वोटर छात्रों से संपर्क साधा।

एसएफआई ने शहर के पड्डल मुहल्ला, पुरानी मंडी, पैलेस कालोनी, मंगवाई तथा भ्यूली के छूट गए हिस्से को कवर किया। वहीं, ग्रामीणों इलाकों बल्हघाटी तथा पंडोह में जाकर वोट मांगे।
-चेतन कुमार सचिव एसएफआई मंडी।

अभाविप ने 10-10 छात्र-छात्राओं की टोलियां बनाकर चुनाव प्रचार किया। अभाविप ने कोटली, पंडोह, बल्ह आदि ग्रामीण क्षेत्रों जबकि शहर के मंगवाईं, स्कूल बाजार में जाकर वोट मांगे।
-योगेश ठाकुर इकाई अध्यक्ष अभाविप।

एनएसयूआई ने शुक्रवार को बल्ह, कोटली, पंडोह, तल्याहड़, कैहनवाल, शिवाबदार एवं द्रंग आदि ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर वोट मांगे। शहर में भी क्वार्टर लेकर रह रहे छात्र-छात्राआें से संपर्क साधा गया।
-विकास वर्मा जिला अध्यक्ष एनएसयूआई मंडी।

पद्म संभव कॉलेज में एनएसयूआई ने मारी बाजी
एससीए की सभी सीटों पर निर्विरोध जमाया कब्जा
रिवालसर (मंडी)। गुरु रिंपोछे पद्म संभव डिग्री कालेज रिवालसर में छात्र संघ चुनाव में एनएसयूआई की सभी सीटें निर्विरोध चुनी गई। इसमें अध्यक्ष पद के लिए किरना कुमारी, उपाध्यक्ष आरती देवी, सचिव नरेश कुमार जबकि सह सचिव डिंपल शर्मा को निर्विरोध चुना गया। चुनाव पीठासीन अधिकारी प्रो. रघुवीर सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुए। कक्षा प्रतिनिधि बीए तृतीय वर्ष से नीना कुमारी, बीए द्वितीय से संगीता ठाकुर जबकि बीए प्रथम वर्ष से कश्मीर सिंह को चुना गया।

धर्मपुर कालेज में त्रिकोणीय मुकाबला
धर्मपुर (मंडी)। धर्मपुर महाविद्यालय में एससीए चुनाव में इस बार त्रिकोणीय मुकाबला है। एबीवीपी, एनएसयूआई तथा एसएफआई आमने-सामने है। धर्मपुर महाविद्यालय में अभी तक के मुकाबलों में एक बार एनएसयूआई और पांच बार लगातार एबीवीपी ने जीत का झंडा फहराया है। एक ओर जहां एबीवीपी छक्का लगाने के लिए चुनावी मैदान में कूदी है। वहीं, एनएसयूआई और एसएफआई इस जीत के सिलसिले को रोकने की तैयारी में हैं। इस महाविद्यालय में लड़कियों की संख्या लड़कों की संख्या से ज्यादा है तथा जिसके साथ लड़कियों का साथ होगा उसकी जीत पक्की है। यहां लड़कियों की संख्या 180 हैं और लड़के केवल 66 ही हैं। यह पहला मौका है कि एसएफआई ने पैनल पर प्रत्याशियों को उतारा है, जो किसी भी छात्र संगठन का ग्राफ बिगाड़ सकते हैं।

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