
धर्मशाला। धर्मशाला कॉलेज स्थित रीजनल सेंटर में एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने केंद्र के निदेशक का घेराव किया। इस दौरान मौके पर मौजूद पुलिस जवानों और कार्यकर्ताओं में तीखी नोकझोंक तक हो गई। हालांकि, मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने मामले को शांत करवा दिया। विद्यार्थी परिषद के नेता केंद्र से योग्य स्टाफ को बाहर निकालने के फैसले का विरोध कर रहे थे। छात्र नेताओं ने निदेशक का घेराव करते हुए उनसे योग्य प्रवक्ताओं को दोबारा नियुक्ति दिए जाने, डेपुटेशन पर गए विधि विभाग के प्राध्यापकों को केंद्र में लाने, अयोग्य प्रवक्ताओं को बाहर का रास्ता दिखाने, केंद्र में सायंकालीन सत्र न चलाए जाने, छात्राओं के लिए कॉमन रूम की व्यवस्था करवाने संबंधी मांगें रखीं। विद्यार्थी परिषद के नेताओं ने निदेशक को चेतावनी दी कि दो दिन के भीतर मांगें न माने जाने की स्थिति में विद्यार्थी परिषद धर्मशाला में धरना-प्रदर्शन करेंगे। इसमें जिला भर के कॉलेजों से हजारों छात्र नेता पहुंचेंगे। इकाई उपाध्यक्ष आंचल रणौत, छात्रा प्रमुख मोनिका ने कहा कि रीजनल सेंटर में नियमों को ताक पर रखकर सभी कार्य हो रहे हैं। करीब 10 साल से रीजनल सेंटर में पढ़ा रहे योग्य प्रवक्ताओं को बाहर निकाल दिया गया। प्रदेश सरकार चहेतों को लाभ देने के चक्कर में सभी हदों को लांघ रही है। यदि दो दिन के भीतर मांगें नहीं मानी गईं तो विद्यार्थी परिषद सात अगस्त को रीजनल सेंटर पर ताला लटका देगी।
नियमानुसार हुई नियुक्तियां : निदेशक
रीजनल सेंटर के निदेशक प्रो. कोंडल का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा सभी गैस्ट फैकल्टी के दोबारा से साक्षात्कार लिए गए हैं तथा नियमानुसार नए स्टाफ की नियुक्ति की गई है। उन्होंने कहा कि छात्रों की संख्या अधिक होने केचलते सायंकालीन कक्षाएं शुरू की गई हैं। लेकिन सर्दी के मौसम में इस समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।
वहीं मौके पर मौजूद डीएसपी मनोज जोशी ने बताया कि पुलिस जवानों ने छात्र नेताओं को निदेशक की कुर्सी से दूर करने की कोशिश की। इस दौरान किसी तरह की कोई अप्रिय घटना नहीं घटी।
