
बिलासपुर। तकनीकी शिक्षा विभाग की लापरवाही लगभग दो दर्जन छात्रों के भविष्य पर भारी पड़ गई है। आईटीआई बिलासपुर में हिंदी स्टेनोग्राफर ट्रेड में ट्रेनिंग ले रहे करीब दो दर्जन छात्रों को इन दिनों कोई शिक्षक नहीं है। करीब एक महीने से यह पद खाली चल रहा है। जिस वजह से विद्यार्थी अपने भविष्य को लेकर चिंतित है। जनवरी में इस ट्रेड की सेमेस्टर की परीक्षा होनी है। पढ़ाई हुई नहीं तो बच्चे परीक्षा कैसे दे पाएंगे।
विद्यार्थियों ने इस संदर्भ में प्रधानाचार्य, तकनीकी शिक्षा मंत्री जीएस बाली और तकनीकी शिक्षा विभाग के निदेशक का ज्ञापन भेज जल्द से जल्द स्टेनोग्राफर की नियुक्ति करने की मांग की है। बताया जा रहा है कि अगस्त में यहां तैनात हिंदी स्टेनोग्राफर की पदोन्नति हुई। पदोन्नति के बाद उनका तबादला नयनादेवी किया गया। उनके स्थान पर अभी तक किसी की भी नियुक्ति नहीं हो पाई है। विश्व मानव कल्याण संस्था के अध्यक्ष डा. टीडी पांडेय ने कहा कि इस ट्रेड में मंडी, नालागढ़, मनाली और बिलासपुर के युवा प्रशिक्षण ले रहे हैं। स्टेनोग्राफर नहीं होने से कई बच्चे पहले ही पढ़ाई छोड़ चुके हैं। स्टेनोग्राफर के अभाव में यहां पढ़ाई कर रहे बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है। लिहाजा, जल्द से जल्द स्टेनोग्राफर की तैनाती की जानी चाहिए। छात्र अंजु, रेणुका, रुकमणी, मधुवाला, संतोष, रीता, मीना, दिपाली, संध्या, सोनिका, संगीता, साक्षी, स्नेहलता, निशा, सनील, अजय, राज कुमार, नरेश सुरेश, राकेश, श्वेता आदि ने विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द यहां स्टेनोग्राफर की तैनाती की जाए। उधर, आईटीआई बिलासपुर के प्रधानाचार्य कुलदीप चड्ढा ने कहा कि इसके लिए साक्षात्कार लिए गए थे, किंतु कोई उतीर्ण नहीं हुआ। अब पुन: साक्षात्कार करवाने के लिए सरकार से अनुमति मांगी गई है।
