
अल्मोड़ा। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरीश कुमार गोयल ने द्वाराहाट इंजीनियरिंग कालेज में पिछले साल अप्रैल में हुई एक छात्र की हत्या के मामले में आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर दो साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
अभियोजन की कहानी के अनुसार पुलिस लाइन मुरादाबाद निवासी शांतनु शर्मा पुत्र सुनील कुमार शर्मा द्वाराहाट इंजीनियरिंग कालेज में बीटेक द्वितीय वर्ष का छात्र था। वह बीटेक द्वितीय वर्ष में पढ़ने वाले जागृत त्यागी के साथ नंदादेवी छात्रावास के एक ही कमरे में रहता था। 19 अप्रैल 2012 को कालेज में वार्षिकोत्सव कार्यक्रम चल रहा था। सभी छात्र कार्यक्रम में हिस्सा लेने गए थे लेकिन शांतनु शर्मा और जागृत त्यागी अपने कमरे में ही थे। रात में दोनों के बीच पैसे के लेनदेन को लेकर झगड़ा हो गया। इस पर आरोपी जागृत त्यागी ने शांतनु पर चाकू से हमला कर दिया और वहां से फरार हो गया।
रात करीब 8.30 बजे शांतनु खून से लथपथ हॉस्टल की गैलरी में पड़ा मिला। उसे घायल अवस्था में अस्पताल ले जाया गया जहां कुछ देर बाद उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने दो दिन बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इस घटना की रिपोर्ट इंजीनियरिंग कालेज के सुरक्षा अधिकारी त्रिलोक सिंह ने द्वाराहाट थाने में दर्ज कराई। मामले की सुनवाई अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरीश कुमार गोयल के न्यायालय में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता फौजदारी दीवान सिंह बिष्ट ने न्यायालय में 14 गवाह पेश किए। इस मामले में अधिकांश गवाहों के पक्षद्रोही होने के बावजूद अभियोजन पक्ष ने अन्य साक्ष्यों के आधार पर केस को सुदृढ़ बनाया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने पत्रावली में मौजूद मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी जागृत त्यागी पुत्र सुरेंद्र कुमार मोहल्ला कायस्थबाड़ा जिला सहारनपुर को धारा 302 के अंतर्गत आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। इसमें से 40 हजार रुपये मृतक के पिता को बतौर प्रतिकर अदा किया जाएगा।
