छह माह में पेड़ नहीं गिन पाया वन विभाग

धर्मशाला। आईटी पार्क को भूमि चयनित होने के बाद अब इसमें एनओसी का पेंच पड़ गया है। लंबे अरसे से आईटी पार्क प्रोजेक्ट निर्माण में भूमि का पेंच अड़ा हुआ था। अब जब जमीन का चयन कर लिया गया तो वन विभाग की एनओसी नहीं मिली है। विभाग चयनित भूमि पर खड़े पेड़ों की गिनती नहीं कर पाया है।
प्रदेश सरकार व प्रशासन ने जदरांगल में करीब 200 कनाल भूमि का चयन आईटी पार्क के लिए किया है। लेकिन, इस सरकारी भूमि पर खड़े पेड़ों ने प्रोजेक्ट को लटका दिया है। सूत्रों की मानें तो वन विभाग ने उद्योग महकमे को अभी तक पेड़ों को काटने की अनुमति नहीं दी है। हालांकि, चयनित भूमि पर पेड़ों की संख्या कम ही है। लेकिन, वन विभाग अभी तक पेड़ों की गणना व अन्य औपचारिकताओं को नहीं निपटा सका है। भूमि का चयन करीब छह माह पूर्व हो चुका है।
धर्मशाला के विधायक व शहरी एवं विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने सरकार बनने के कुछ दिन बाद ही इसकी घोषणा कर दी थी। लेकिन, एक साल से ज्यादा समय बीतने के बाद भी प्रोजेक्ट की शुरूआत भी नहीं हो पाई है। इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से सैकड़ों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर प्रदान होंगे। हालांकि, जिला प्रशासन ने अपनी ओर से आईटी कंपनियों को निवेश के लिए प्रपोजल देने का कार्य शुरू कर दिया है।
यह है प्रोेजेक्ट
आईटी पार्क प्रोजेक्ट के तहत सरकार ने जो भूमि चयनित की है, उस पर नामी आईटी कंपनियां निवेश करेंगी व वहां प्रदेश के सैकड़ों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। आईटी की पढ़ाई व डिग्रियां कर चुके युवाओं को धर्मशाला में ही रोजगार का मौका मिल पाएगा। दौ सौ कनाल भूमि पर दर्जनों आईटी कंपनियां निवेश कर सकेंगी।
कोट्स————-
आईटी प्रोजेक्ट के लिए चयनित भूमि अभी विभाग के नाम नहीं हो पाई है। भूमि का हस्तांतरण होने के बाद ही प्रोजेक्ट की शुरूआत की जा सकेगी।
प्रभात चौधरी, महाप्रबंधक, उद्योग विभाग
एनओसी का कार्य प्रगति पर चला हुआ है। जल्द ही इसके बारे में निर्णय लिया जाएगा।
बीएम मरोल, डीएफओ, धर्मशाला
भूमि का चयन कर लिया गया है। जल्द ही सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी। विभागों को इसके बारे में दिशा-निर्देश दिए गए हैं। सुधीर शर्मा, स्थानीय विधायक और शहरी विकास मंत्री

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