
पधर (मंडी)। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने चौहारघाटी की 15 पंचायतों को सेंक्चुरी एरिया से बाहर करने की घोषणा की है। इस घोषणा से इन पंचायतों के करीब 88 गांवों के लोगों को बड़ी राहत मिली है। चौहारघाटी के टिक्कन को उपतहसील का तोहफा दिया गया है। वीरभद्र सिंह ने रविवार को द्रंग विधान सभा क्षेत्र के उपमंडल मुख्यालय में जनसभा को संबोधित किया।
एक दिवसीय द्रंग दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने दस करोड़ रुपये की लागत से पधर में बनने वाले मिनी सचिवालय की आधारशिला रखी। वहीं, डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले पधर थाना भवन की भी आधारशिला रखी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की विकट भौगोलिक परिस्थितियों और कमजोर माली हालत के बावजूद भी हिमाचल देश के अग्रणी राज्यों की पंक्ति में खड़ा है। इसके पीछे कांग्रेस पार्टी की सरकारों का प्रत्यक्ष हाथ रहा है। प्रदेश सरकार सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्र के साथ प्रदेश के सर्वांगीण विकास को तेजी के साथ आगे बढ़ा रही है। राज्य के सौ फीसदी गांवों को बिजली की सुविधा प्रदेश में उपलब्ध है। विद्युत के क्षेत्र में गुणवत्ता लाने के लिए राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के जरिये सरकार काम कर रही है। प्रदेश की जलवायु बेमौसमी सब्जी के उत्पादन के लिए अनुकूल है। मुख्यमंत्री ने किसानों तथा बागवानों से बेमौसमी सब्जी के उत्पादन को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में कोल्ड स्टोर स्थापित करेगी, ताकि किसानों बागवानों को उनके उत्पाद को सुरक्षित रखने में मद्द मिल सके। कांग्रेस की सोच हमेशा देश को एकता के सूत्र में पिरोने की रही है। मुख्यमंत्री की घोषणा में चौहारघाटी के टिक्कन में उप तहसील सरकार का सबसे बड़ा तोहफा रहा। उन्होंने चौहारघाटी की 15 पंचायतों के 88 गांवों को सेंक्चुरी एरिया से बाहर करने की घोषणा की। इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर, आबकारी एवं कराधान मंत्री प्रकाश चौधरी, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिल शर्मा, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव कृष्ण पाल शर्मा, जिला कांग्रेस के अध्यक्ष पूर्ण चंद ठाकुर और द्रंग कांग्रेस के अध्यक्ष जोगिंदर गुलेरिया ने भी विचार रखे।
