चौहारघाटी के खलैल में बादल फटा, नागर नाला ने मचाई तबाही

बरोट (मंडी)। चौहारघाटी के खलैल गांव में बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है। उफान पर आए नागर नाला तबाही मचा दी। बसतर कुटला में नाले में आई बाढ़ से पांच घराट, दो पक्की पुलियां, कई बीघा भूमि पर राजमाह, मक्की, गोभी, निजी ट्राउट फिश फार्म बह गए। इसमें भारी नुकसान होने का अनुमान है। लोग इसे बादल फटने की घटना मान रहे हैं। गांव के करीब 20 परिवारों ने पूरी रात भारी बारिश में अपने बच्चों के साथ खुले आसमान के नीचे बिताई।
इधर, बरोट-म्योह सड़क नौ किलोमीटर तक जगह-जगह से टूट चुकी है। बाढ़ से दो पुलियां भी ढह गईं। खलैल तथा झरवाड़ गांव के लिए पांच स्रोत टैंक भी बह गए। गांव में पीने के पानी की समस्या भी पैदा हो गई है। बरोट पंचायत के पांच गांवों का संपर्क अन्य क्षेत्रों से पूरी तरह कट गया। नाले में आई बाढ़ से छोटी झरवाड़, खलैल, गांव के कालू राम, डागी राम पुत्र झगड़ू राम, प्रेम सिंह पुत्र सूरतू राम, डागी राम पुत्र टलकू राम, धनी राम पुत्र सूरतू राम के घराट बह गए। कालू राम का निजी ट्राउट फिश फार्म भी बह गया। छोटी झरवाड़ में प्राइमरी स्कूल की चारदीवारी गिरने से चार कमरों को खतरा बन गया। भाग चंद, रूप चंद, करतार चंद, धर्मवीर के रिहायशी मकानों को खतरा बना है। नाले में बाढ़ से भारी पेड़, मलबा बहकर आने से ऊहल नदी का बहाव अवरुद्ध हो गया। नदी पर 100 मीटर लंबी झील बन चुकी है। इससे बरोट, मुलथान बाजार तथा ऊहल नदी के तटीय क्षेत्रों में बसे लोगों पर खतरा मंडरा गया है। बरोट पंचायत प्रधान चमेल सिंह, हलका पटवारी खूब राम ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने कहा नाले में पानी की मात्रा बहुत अधिक है। ऐसा बादल फटने के कारण ही हो सकता है। इधर, शानन परियोजना के सहायक अभियंता प्रेमपाल ने बताया कि किसी भी घटना को रोकने के लिए बरोट में कर्मचारियों को गेट खोलने के आदेश दे दिए हैं।

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