
बरोट (मंडी)। जिले में रुक-रुक कर हो रही बारिश के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बारिश से चौहारघाटी और छोटा भंगाल क्षेत्रों के किसानों की नगदी फसलों पर असर पड़ा है। बारिश के कारण क्षेत्र के संपर्क सड़कों की हालत बदतर हो गई है। जिससे किसानों की आलू की फसल मंडियों तक न पहुंचने से घरों में ही खराब हो रही है। इस वर्ष चौहारघाटी में आलू का उत्पादन मात्र 50 प्रतिशत हुआ है। बारिश ने किसानों की कड़ी मेहनत पर कहर बरपाया है। नुकसान के चलते अब किसानों को फसल के लिए गए ऋण को चुकाने की चिंता सताने लगी है।
क्षेत्र के किसान चमेल सिंह, सीता राम, कृष्ण चंद, राम सिंह, बीरी सिंह, ज्ञान चंद, शेर सिंह, मान सिंह, ध्यान सिंह, गोविंद राम, लाभ चंद, नरोत्तम सिंह, भगत सिंह, डागू राम, संत राम, कालीदास आदि का कहना है कि क्षेत्र में इस बार भारी बारिश से आलू की पैदावार पर असर पड़ा है। जिस समय जमीन के भीतर आलू की ग्रोथ हो रही थी, उस समय भारी बारिश हुई। जिससे आलू का साइज न बनने से पैदावार कम हुई है। अब आलू फसल की बिजाई को लिए गए बैंक ऋण, खाद, घरेलू खर्चों की भी चिंता बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि इस वर्ष क्षेत्र में लहसुन की बंपर फसल है, लेकिन मंडियों में अच्छे दाम न होने से व्यापारी भी लहसुन की फसल नहीं उठा रहे हैं। वहीं, राजमाह, मक्की सहित अन्य सब्जियों की फसलों पर भी कुदरत का कहर पड़ा है। घाटी के किसानों ने राजस्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर से आग्रह किया है घाटी में बारिश से फसलों को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए विभागीय टीम को भेजा जाए।
