चौहारघाटी और ज्वालापुर के किसान मुश्किल में

पधर (मंडी)। लगातार हो रही बारिश से द्रंग क्षेत्र की दुर्गम चौहारघाटी और ज्वालापुर इलाके के किसान संकट में हैं। यहां किसानों की गंदम की फसल सड़ने लगी है। इन क्षेत्रों में गेहूं की पैदावार जून के अंतिम और जुलाई के पहले पखवाड़े में पककर तैयार होती है, लेकिन मानसून ने इस बार यहां के किसानाें की दिन-रात की मेहनत पर पानी फेर दिया है। आलम यह है कि खेतों में तैयार गंदम बारिश से काली पड़ गई है। कई स्थानों में फसल पककर तैयार हो गई है, जबकि कई जगह पकने वाली है। लेकिन, लगातार बारिश के कारण फसल कटाई का कार्य ठप पड़ा हुआ है। जबकि थ्रेसिंग के लिए भी मौसम साफ होने का इंतजार है। ऐसे में अगर बारिश यूं ही होती है तो किसानाें को भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है।
किसानों में राम शरण, हच्छू राम, दिले राम, काहन सिंह आदि का कहना है कि चौहारघाटी के पजौंड और रुलंग सहित आधा दर्जन से ज्यादा गांवों में गंदम की फसल खेतों में ही काली पड़ गई है। इसी तरह का आलम क्षेत्र के ज्वालापुर इलाके में है। द्रंग भाजपा नेता एवं जिला भाजपा अध्यक्ष जवाहर ठाकुर का कहना है कि ज्वालापुर क्षेत्र में बारिश के कारण किसानों की मेहनत पर पानी फिरता दिख रहा है। जल्द मौसम साफ न हुआ तो गंदम खेतों में सड़ने का अंदेशा बन गया है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से किसानों के खेतों का मुआयना कर उचित मुआवजा देने की गुहार लगाई है। लगातार बारिश से आलू और गोभी की फसल भी सड़न रोग की चपेट में है। जिससे किसानाें को दोहरा नुकसान झेलना पड़ रहा है। किसान साफ मौसम के लिए देव पशाकोट के दरबार में भी हाजिरी लगा रहे हैं।

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