
शिमला सरकार वन लगाओ , जीवन बचाओ जैसी पंक्तिया लिखवाकर लोगो को जागरूक करने व वनों के महत्व जानने के लिए लाखो खर्च करती है ! मगर सरकार के एक एसोसिएट विधायक ने इन पंक्तियों के मायने कुछ इस तरह बदल दिए की वन उडाओ, फ्लेट बनाओ, पैसा कमाओ ! जी हाँ ये पंक्तिया विधायक ने लिखी तो नहीं बल्की व्यवहारिक तौर पर अम्ल में लाई है !चौपाल विधानसभा क्षेत्र के विधायक और वर्मा कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक बलवीर वर्मा की कंपनी पर बिना अनुमति दो पेड़ काटने के आरोप में 40 हजार रुपये जुर्माना हुआ है। नगर निगम की वन शाखा ने सोमवार को छोटा शिमला से सटे ऐरा होम क्षेत्र में निर्माणाधीन आवासीय कालोनी में दबिश देकर दो पेड़ों के काटे जाने का खुलासा किया। हालांकि मौके पर गई टीम को पेड़ तो नहीं मिले लेकिन निगम कर्मियों ने जड़े बरामद कर ली हैं। विधायक की कंस्ट्रक्शन कंपनी पर अवैध तौर पर मलबा फेंक कर कई पेड़ों को नुकसान पहुंचाने का आरोप भी है। निगम प्रशासन ने इस मामले की जांच भी शुरू कर दी है। कंस्ट्रक्शन कंपनी से नक्शा सहित ततीमा और जमाबंदी तलब की गई है।
विधायक प्रदेश के नामी बिल्डरों में शुमार हैं। शहर में कई जगह इनकी कंपनी फ्लैट बना रही है। छोटा शिमला से सटे ऐरा होम में करीब साढ़े चौदह बीघा भूमि पर 12 ब्लाक बनाए जा रहे हैं। यहां पर 85 फ्लैट निर्माणाधीन है। पुरुजीत सिंह इस भूमि के मालिक हैं। विधायक की कंपनी को निर्माण का काम सौंपा गया है। रविवार रात को उपमहापौर को किसी ने मौके पर पेड़ काटने की सूचना दी। जिस पर मौके पर पहुंची निगम टीम ने देर रात तक पड़ताल की। कई जगह दबिश दी गई लेकिन निगम के हाथ पेड़ नहीं लगे। जड़े तक भी बहुत ही सफाई से काटी गई थी। सोमवार सुबह निगम की टीम दोबारा से मौके पर गई। पेड़ काटे गए स्थान के बाबत जानकारी जुटाई गई। कंपनी में निर्माण कार्य का निरीक्षण कर रहे कर्मियों ने पेड़ काटने की बात तो नहीं मानी लेकिन उक्त भूमि को अपने अधिकार क्षेत्र में बताया। इस पर नगर निगम ने कंस्ट्रक्शन कंपनी के खिलाफ चालीस हजार की डैमेज रिपोर्ट काटी।
अवैध तरीके से मलबा फेंकने का आरोप
विधायक की कंस्ट्रक्शन कंपनी पर ऐरा होम में अवैध तौर पर मलबा डंप करने का भी आरोप है। निगम की वन शाखा के कर्मी सोमवार को दिनभर मलबे की पैमाइश करने में जुटे रहे।
देवदार के पेड़ों को भी पहुंचाया नुकसान
फ्लैट बनाने के लिए अवैध तरीके से ठिकाने लगाए गए मलबे के चलते दर्जनों देवदार के पेड़ों को नुकसान पहुंचाने की बात भी जांच में सामने आई है। निगम प्रशासन पेड़ों की गिनती करने में जुट गया है।
मुझे नहीं मामले की जानकारी : विधायक
चौपाल के विधायक और वर्मा कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक बलवीर वर्मा का कहना है वे इन दिनों शहर से बाहर हैं। उन्हें मामले की जानकारी नहीं है।
रात तीन बजे तक मौके पर रहे उपमहापौर
नगर निगम के उपमहापौर टिकेंद्र पंवर, वन मंडलाधिकारी इंद्रकुमार सहित कई अन्य कर्मी रविवार रात को तीन बजे तक ऐरा होम में जांच पड़ताल में जुटे रहे। रात करीब 11 बजे गुप्त सूचना के आधार पर उपमहापौर टीम सहित मौके पर पहुंचे। देवदार के दर्जनों क्षतिग्रस्त पेड़ो की गणना के बाद अब देखना यह है कि प्रशासन व सरकार ऐसे व्यक्ति के खिलाफ किस तरह की क़ानूनी कार्रवाई अम्ल में लाती है ! क्या कानून स्वतंत्र रूप से काम करेगा या प्रभावशाली व्यक्तित्व के सामने बौना पड जाएगा !
