
सितारगंज। चोरगलिया के गांवों में लो-वोल्टेज की समस्या ग्रामीणों के लिए नासूर बन चुकी है। विद्युत विभाग के जेई से लेकर डीजीएम तक गुहार के बाद भी गांव रोशनी से दूर है। कहने को बिजली तो मिल रही है, पर बल्ब के साथ मोमबत्ती या फिर केरोसिन की डिब्बी जलानी पड़ती है। ग्रामीणों ने ईई का घिराव कर समस्या से निजात दिलाने व गांव में पोल लगवाने की मांग की। चेतावनी दी, यदि शीघ्र मांग पूरी न हुई तो मीटर उखाड़ कर विद्युत दफ्तर में रखेंगे और बिलों का भुगतान भी नहीं करेंगे। ईई ने शनिवार को गांवों का स्थलीय निरीक्षण कर समस्या से निजात दिलाने का भरोसा दिलाया।
नैनीताल जनपद के चोरगलिया स्थित आमखेड़ा गांव के लोगों ने बुधवार को बिजली घर में ईई शैलेंद्र कुमार का घिराव किया और ज्ञापन सौंपा, जिसमें ग्रामीणों ने कहा कि गत तीन वर्षों से गांव में लो-वोल्टेज की समस्या बनी हुई है। गत 26 जून को ग्रामीणों का शिष्टमंडल विद्युत विभाग के डीजीएम से मिला। उन्होंने अधिशासी अभियंता कुमार को तत्काल लो-वोल्टेज की समस्या दूर करने के निर्देश भी दिए, पर आज दिन तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। जनकल्याण संघर्ष समिति के संरक्षक भुवन पोखरिया ने कहा कि आमखेड़ा के साथ ही आसपास के तीन अन्य गांवों में बिजली की नंगी तारें झूल रही हैं। बीते दिनों ने एक आठ वर्षीय मासूम के करंट लगने से उसकी मौत भी हो चुकी है। ग्रामीण जान की दुश्मन बन चुकी बिजली की तारों से बचने के लिए लकड़ी पोल बना जीवन बिता रहे हैं। पर्याप्त वोल्टेज न मिलने से बल्ब, पंखे, कूलर, फ्रीज आदि उपकरण महज शो-पीस बने हुए हैं।
उन्होंने ईई से 63 केवी का नया ट्रांसफार्मर व गांवों में विद्युत पोल लगाने आदि की मांग की। घिराव करने वालों में बीडीसी कमला पोखरिया, चिंता सिंह कोटलिया, मो. याकूब, मो. सुलेमान, भूपेंद्र सिंह, भुवन कोटलिया, प्रेम राम, जगदीश बोरा, सतनाम सिंह, कालू सिंह, नियामत मसीह आदि थे।
